निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नेशनल हाईवे-130 पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। तीन महिलाओं की मौत के विरोध में ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर हाईवे जाम कर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान टायर जलाकर विरोध जताया गया और सड़क पर पत्थर रखकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया गया।
टायर जलाकर किया प्रदर्शन
ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-130 पर चक्का जाम करते हुए टायर जलाए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बड़ी संख्या में महिलाएं और गांव के लोग सड़क पर उतर आए, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
मुआवजे और सुरक्षा की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मृतक महिलाओं के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही हाईवे पर स्पीड ब्रेकर बनाने की भी मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
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एंबुलेंस रोककर जताया विरोध
पोस्टमार्टम के बाद जब शव एंबुलेंस के जरिए गांव लाए जा रहे थे, तब परिजनों और ग्रामीणों ने हाईवे पर एंबुलेंस को रोक लिया और वहीं धरना शुरू कर दिया। दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शन जारी रहा।
हादसे में गई थी 3 महिलाओं की जान
गौरतलब है कि रविवार रात भिट्ठीकला गांव के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाजार से लौट रही महिलाओं को कुचल दिया था। इस हादसे में राम बाई, श्यामपति सहित तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिससे इलाके में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।
हाईवे पर लंबा जाम
चक्का जाम के चलते नेशनल हाईवे-130 पर ट्रक, बस और अन्य वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही मणिपुर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से फिलहाल 25,000 रुपये की प्राथमिक सहायता राशि दी गई है, लेकिन ग्रामीण तत्काल उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।











