CGMSC : रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित मेडिकल घोटाले (CGMSC Scam) की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा और उनसे जुड़े अन्य लोगों की लगभग 40 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी है। मंगलवार को ईडी की ओर से जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत की गई है। ईडी का दावा है कि उन्हें मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और कमीशनखोरी के ठोस इनपुट मिले हैं।
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बीते 30 और 31 जुलाई को ईडी ने मोक्षित कॉरपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा, उनके परिजनों, कारोबार से जुड़ी संस्थाओं और CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों के आवासों और कार्यालय परिसरों पर सघन छापेमारी की थी।
इस दौरान ईडी को कथित घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइसेज़, बैंक और डीमैट खातों की डिटेल्स, साथ ही वाहनों और अन्य चल-अचल संपत्तियों का पता चला, जिनका मूल्य ₹40 करोड़ से अधिक आंका गया है।
इस कथित घोटाले में सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए चिकित्सा उपकरणों और रीजेंट्स की खरीद में भारी अनियमितताओं का आरोप है। प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया गया है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में इस घोटाले की राशि लगभग ₹650 करोड़ तक पहुंच सकती है।
ईडी का कहना है कि इस घोटाले में फर्जी बिलिंग, गुणवत्ता में समझौता और आपूर्तिकर्ताओं के साथ सांठगांठ के माध्यम से भारी मात्रा में घोटाला किया गया। साथ ही, बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी की बात भी सामने आई है।
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इससे पहले, छत्तीसगढ़ सरकार की EOW (आर्थिक अपराध शाखा) और ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) द्वारा भी इस मामले में छापेमारी की जा चुकी है। अब तक इस मामले में मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, CGMSC से जुड़े अन्य अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ भी जल्द ही जांच की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।











