Piprani Ashram : बड़वानी। बड़वानी जिले के पानसेमल विकासखंड स्थित पिपरानी के शासकीय जनजाति बालक आश्रम में दुर्व्यवहार से परेशान करीब 40 बच्चे सोमवार को शिकायत दर्ज कराने के लिए पैदल ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय की ओर निकल पड़े।
Piprani Ashram : बच्चों के गंभीर आरोप: छात्रों ने आरोप लगाया कि आश्रम के चपरासी और अधीक्षक उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार करते हैं, अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और गाली-गलौज भी करते हैं। बच्चों के अनुसार, जब वे आश्रम में मूलभूत सुविधाओं की मांग करते हैं तो उन्हें धमकाया जाता है। इसके अलावा, उन्हें भरपेट भोजन या नाश्ता भी नहीं दिया जाता, जिससे उनकी भूख नहीं मिट पाती।
Piprani Ashram : तहसीलदार की समझाइश पर लौटे: लगभग 8 किलोमीटर पैदल चलने के बाद, बच्चों को पानसेमल में नायाब तहसीलदार राजाराम रानाडे ने रोका। तहसीलदार ने बच्चों को अधीक्षक और चपरासी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उनकी समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद बच्चों को वहीं नाश्ता और पानी उपलब्ध कराया गया और दो वाहनों से उन्हें वापस आश्रम पहुँचाया गया।
Piprani Ashram : एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश: पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया ने बताया कि बच्चों की समस्याओं को सुनने के लिए तहसीलदार को मौके पर भेजा गया था। बच्चों ने विशेष रूप से वार्डन द्वारा अपशब्द कहे जाने की शिकायत की थी। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि बच्चों को समझाकर आश्रम वापस भेज दिया गया है और तहसीलदार द्वारा इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।













