Wagah Border Parade 2026 : नई दिल्ली/अमृतसर: गणतंत्र दिवस के अवसर पर अगर आप भारत-पाकिस्तान सीमा पर जांबाज बीएसएफ (BSF) जवानों का जोश और शौर्य देखना चाहते हैं, तो अटारी-वाघा बॉर्डर आपके लिए सबसे बेहतरीन गंतव्य है। वर्ष 1959 से चली आ रही ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी का रोमांच 26 जनवरी को दोगुना हो जाता है। सबसे खास बात यह है कि इस भव्य उत्सव का गवाह बनने के लिए किसी भी पर्यटक को कोई टिकट या फीस देने की आवश्यकता नहीं है; यहाँ प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है।
समय का रखें विशेष ध्यान: वाघा बॉर्डर पर झंडा उतारने का यह समारोह सूर्यास्त से ठीक पहले शुरू होता है। आमतौर पर कार्यक्रम शाम 4:15 बजे शुरू होता है, लेकिन गणतंत्र दिवस जैसे बड़े अवसर पर हजारों की भीड़ उमड़ती है। बैठने के लिए यहाँ कोई प्री-बुकिंग सिस्टम नहीं है, बल्कि ‘पहले आओ-पहले पाओ’ का नियम लागू होता है। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि आप दोपहर 2:30 से 3:00 बजे के बीच हर हाल में बॉर्डर पहुँच जाएँ, ताकि आपको बैठने के लिए अच्छी जगह मिल सके।
सुरक्षा नियम और पाबंदियां: चूँकि यह एक संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा है, इसलिए यहाँ सुरक्षा जांच बेहद कड़ी होती है। पर्यटकों को अपने साथ बड़े बैग, पावर बैंक, लाइटर, छाता या किसी भी प्रकार की नुकीली वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं है। आप अंदर केवल अपना मोबाइल फोन, कैमरा, एक सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) और पानी की बोतल ही ले जा सकते हैं। बेहतर होगा कि अपना भारी सामान आप होटल या अपनी गाड़ी में ही सुरक्षित छोड़ दें।
कैसे पहुँचें वाघा बॉर्डर? अमृतसर मुख्य शहर से वाघा बॉर्डर की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है। यहाँ पहुँचने के लिए अमृतसर रेलवे स्टेशन या स्वर्ण मंदिर के पास से साझा ऑटो, निजी टैक्सी या सरकारी बसें आसानी से मिल जाती हैं। निजी टैक्सी का किराया ₹800 से ₹1500 के बीच हो सकता है। विदेशी पर्यटकों के लिए यहाँ पासपोर्ट दिखाने पर अलग लाइन और त्वरित प्रवेश की विशेष सुविधा भी उपलब्ध रहती है।













