Vitamin D deficiency News : नई दिल्ली। विटामिन D इंसान के शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह फैट में घुलनशील विटामिन शरीर को कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। हाल ही में सामने आई एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि भारत की लगभग आधी आबादी में विटामिन D की कमी पाई गई है। यह अध्ययन छह साल तक चला और उसके निष्कर्षों ने कई सवाल खड़े किए हैं।
Vitamin D deficiency News : डायग्नोस्टिक कंपनी मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड ने छह साल में 20.2 लाख टेस्ट किए। इन टेस्टों में लगभग 46.5 प्रतिशत लोगों में विटामिन D की कमी और 26 प्रतिशत लोगों में इसका स्तर अपर्याप्त पाया गया। यह रिसर्च अमीरा शाह की अगुवाई में की गई।
अध्ययन के अनुसार, भारत में विटामिन D की कमी के प्रमुख कारण सिर्फ भौगोलिक स्थिति नहीं, बल्कि शहरी जीवनशैली, धूप में कम समय बिताना और असंतुलित खानपान भी हैं। हालांकि, इसमें सुधार के संकेत भी मिले हैं। 2019-20 में जहां कमी की दर 51 प्रतिशत थी, वहीं 2023-24 में यह घटकर 43 प्रतिशत रह गई।
विटामिन D की कमी वयस्कों में अधिक पाई गई क्योंकि वे ज्यादातर समय घर या ऑफिस में रहते हैं। 13 से 18 वर्ष के किशोरों में यह कमी सबसे ज्यादा दर्ज की गई — करीब 66.9 प्रतिशत यानी हर 10 में से 7 टीनएजर्स में इसकी कमी पाई गई।
लिंग के आधार पर फर्क घटा है। महिलाओं में कमी 46.9 प्रतिशत और पुरुषों में 45.8 प्रतिशत रही, जो महिलाओं में पोषण के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
रीजनल आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण भारत में विटामिन D की कमी सबसे अधिक (51.6%) दर्ज की गई। केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में यह 50 प्रतिशत से ज्यादा थी। मध्य भारत में यह दर 48.1 प्रतिशत, उत्तर भारत में 44.9 प्रतिशत और पश्चिम भारत में 42.9 प्रतिशत रही। उत्तर-पूर्व भारत में सबसे कम 36.9 प्रतिशत लोगों में विटामिन D की कमी पाई गई, जिसका कारण लोगों की जीवनशैली और विविध आहार को माना गया।
Vitamin D deficiency News : मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेंद्रन चेम्मेनकोटिल के अनुसार, विटामिन D की कमी भारत में सबसे अनदेखी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसकी कमी का असर धीरे-धीरे दिखता है, लेकिन यह हड्डियों, इम्यूनिटी और समग्र स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
Vitamin D deficiency News : कंपनी की मुख्य वैज्ञानिक और इनोवेशन ऑफिसर किरण चड्ढा का कहना है कि विटामिन D हड्डियों के मिनरलाइजेशन, मसल्स के कार्य और इम्यून सिस्टम के नियमन में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी का पता तब चलता है जब थकान, कमजोरी या बार-बार बीमार पड़ने जैसे लक्षण सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि विटामिन D की सटीक कमी का पता लगाने के लिए कैल्शियम और पैराथायरॉयड हार्मोन के स्तर की जांच जरूरी है।













