निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : देश के जाने-माने उद्योगपति और Raymond Group के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्होंने अपने नेतृत्व में रेमंड को एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित किया था।
रेमंड को दिलाई वैश्विक पहचान
विजयपत सिंघानिया ने 1980 के दशक में कंपनी की कमान संभाली और इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने ‘द कंप्लीट मैन’ जैसी पहचान दी और पार्क एवेन्यू जैसे ब्रांड लॉन्च कर कंपनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाया।
सफलता से संघर्ष तक का सफर
एक समय करीब 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक रहे सिंघानिया का जीवन बाद में संघर्षों से घिर गया। कभी मुंबई की आलीशान जेके हाउस में रहने वाले इस उद्योगपति को हालात ऐसे मोड़ पर ले आए कि उन्हें किराए के घर में रहना पड़ा।
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एक फैसले ने बदल दी जिंदगी
साल 2015 में उन्होंने Raymond Group के अपने सभी शेयर बेटे गौतम सिंघानिया के नाम कर दिए। इसके बाद पारिवारिक रिश्तों में खटास आ गई और विवाद बढ़ता चला गया। एक फ्लैट को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि उन्हें अपना घर तक छोड़ना पड़ा।
सुविधाएं छिनने के लगाए आरोप
विजयपत सिंघानिया ने कई बार आरोप लगाया कि उनसे घर, कार और ड्राइवर जैसी सुविधाएं भी वापस ले ली गईं। यहां तक कि उन्हें चेयरमैन एमेरिटस का दर्जा इस्तेमाल करने से भी रोका गया। उन्होंने इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल बताया था।
जीवन से मिली बड़ी सीख
विजयपत सिंघानिया का जीवन सिर्फ सफलता की कहानी नहीं, बल्कि उतार-चढ़ाव और रिश्तों के प्रभाव की भी मिसाल है। उनका सफर यह सिखाता है कि बड़े फैसले जिंदगी को पूरी तरह बदल सकते हैं। उनके निधन से भारतीय उद्योग जगत ने एक अनुभवी और दूरदर्शी नेता को खो दिया है।











