प्रयागराज। Nishaanebaz.com-Kasari Masari Renamed Krishnapuri: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बड़ी और प्रतीकात्मक खबर सामने आ रही है। कभी कुख्यात माफिया अतीक अहमद के खौफ और अवैध कब्जे के लिए पहचाने जाने वाले कसारी-मसारी इलाके की पहचान अब पूरी तरह बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस क्षेत्र का नाम बदलकर ‘कृष्णपुरी’ करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने माफिया के चंगुल से मुक्त कराई गई इस जमीन पर गरीबों के लिए बनने वाली आवासीय परियोजना का भूमिपूजन भी किया।
माफिया की जमीन पर बनेंगे गरीबों के लिए 602 फ्लैट
कसारी-मसारी (अब कृष्णपुरी) इलाके में प्रशासन द्वारा माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों के कब्जे से जमीन को मुक्त कराया गया था। इसी जमीन पर पद्मलोक अपार्टमेंट परियोजना के तहत गरीबों के लिए 602 फ्लैटों का निर्माण किया जाएगा। इस पूरी आवासीय योजना को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) द्वारा पूरा किया जा रहा है, जिस पर लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यहां रहने वाले नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए पार्किंग, सोलर सिस्टम और वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) जैसी बेहतरीन व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह ने की थी नाम बदलने की मांग
इस क्षेत्र का नाम बदलने का प्रस्ताव पूर्व कैबिनेट मंत्री और पश्चिमी प्रयागराज के विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के सामने रखा था। उनका तर्क था कि इस क्षेत्र का पुराना नाम सुनकर लोगों के मन में नकारात्मक या अवांछित धारणा बन सकती है, इसलिए भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर इसका नामकरण ‘कृष्णपुरी’ किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने इस मांग को स्वीकार करते हुए क्षेत्र को नई सांस्कृतिक और सकारात्मक पहचान दी है।
‘यूपी में अब कानून का राज, माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं’
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद प्रदेश में अपराधियों और माफिया के खिलाफ जो बुलडोजर और कानूनी कार्रवाई की नीति अपनाई गई, उसने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक समय था जब प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके सिंडिकेट का आतंक हुआ करता था, लेकिन आज कानून का राज सर्वोपरि है। सरकार का मुख्य उद्देश्य माफियाओं की अवैध संपत्तियों को कब्ज़े से मुक्त कराकर वहां गरीबों और जरूरतमंदों के लिए आवास व जनहित की परियोजनाएं तैयार करना है।
