UP Transformer Theft : लखनऊ: बिजली विभाग की लापरवाही और चोरों की चालाकी ने एक बार फिर आम जनता को अंधेरे में धकेल दिया है। अमौसी जोन के अंतर्गत चोरों ने बेहद शातिराना तरीके से 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन को बंद कर ट्रांसफार्मर को चबूतरे से नीचे गिरा दिया और उसमें से कीमती तांबा निकाल कर फरार हो गए।
लाखों का नुकसान, घंटों बाद पहुंची पुलिस
अधिशासी अभियंता अमित कुमार आनंद के अनुसार, इस चोरी से विभाग को लगभग चार लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विभाग को सुबह 9 बजे घटना का पता चला, लेकिन पुलिस और डॉग स्क्वॉड की टीम शाम को जांच के लिए पहुंची। इस लंबी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही और लोग परेशान होते रहे।
कैसे होती है यह ‘हाई-टेक’ चोरी?
विशेषज्ञों ने चोरों के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का खुलासा करते हुए बताया कि:
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चोर सबसे पहले ओवरहेड लाइन पर लोहे की चेन फेंकते हैं।
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इससे तेज धमाका होता है और बिजली की लाइन ट्रिप (बंद) हो जाती है।
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करंट खत्म होते ही चोर ट्रांसफार्मर को निशाना बनाते हैं।
ऑपरेटरों की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले में विभाग के भीतर की लापरवाही भी सामने आई है। जानकारों का कहना है कि जैसे ही लाइन ट्रिप होती है, उपकेंद्र (Sub-station) के ऑपरेटर को तुरंत जांच करनी चाहिए या लाइन दोबारा चालू करनी चाहिए। यदि ऐसा किया जाए, तो चोरी को मौके पर ही रोका जा सकता है। लेकिन अक्सर ऑपरेटर और लाइनमैन समय पर मौके पर नहीं पहुंचते, जिसका फायदा चोर उठाते हैं।
मुख्य अभियंता ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
लगातार बढ़ रही इन घटनाओं को देखते हुए अमौसी जोन के मुख्य अभियंता महफूज आलम ने सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे कि आखिर इन चोरी की वारदातों पर लगाम कैसे लगाई जाए और क्या तकनीकी बदलाव किए जा सकते हैं।











