UP Student Union Elections : नई दिल्ली | 27 मार्च 2026 समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था और छात्र राजनीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संसद के बजट सत्र के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरे देश के विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक तरीके से छात्रसंघ चुनाव हो रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश में इन पर अघोषित रोक क्यों लगी हुई है?
इलाहाबाद से लेकर बीएचयू तक चुनाव ठप
रमाशंकर राजभर ने देश को प्रधानमंत्री देने वाली इलाहाबाद यूनिवर्सिटी सहित लखनऊ, गोरखपुर और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का उदाहरण देते हुए कहा कि इन प्रतिष्ठित संस्थानों और इनसे संबद्ध कॉलेजों में पिछले चार वर्षों से चुनाव नहीं हुए हैं।
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छात्रों का संघर्ष: सांसद ने सदन को बताया कि छात्र पिछले चार साल से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
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लोकतंत्र की पहली सीढ़ी: उन्होंने छात्रसंघ को ‘लोकतंत्र की पहली सीढ़ी’ बताते हुए कहा कि यहीं से भविष्य के नेता निकलते हैं, लेकिन यूपी में इस रास्ते को बंद कर दिया गया है।
लाठीचार्ज और ‘गुंडा एक्ट’ पर जताई आपत्ति
राजभर ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
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दमनकारी कार्रवाई: उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव की मांग करने वाले निर्दोष छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।
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अपराधी बनाने की कोशिश: सांसद ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जायज मांग रखने वाले छात्रों पर ‘गुंडा एक्ट’ लगाया जा रहा है, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रबंधन और छात्रों के बीच टूटी कड़ी
सपा सांसद ने तर्क दिया कि शिक्षा के स्तर को सुधारने और कैंपस की समस्याओं को सुलझाने के लिए छात्रसंघ, कॉलेज प्रबंधन और छात्रों के बीच एक अहम कड़ी का काम करता है। इस कड़ी के टूटने से छात्रों के साथ अन्याय बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव बहाल किए जाएं।











