Union Budget 2026 Reaction : रीवा। एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 और यूजीसी के नए नियमों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। पटवारी ने कहा कि यह बजट स्पष्ट करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को गलत दिशा में धकेल दिया है।
अधूरे वादों और शिक्षा बजट पर सवाल जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री के पुराने वादों की याद दिलाते हुए कहा, “2022 तक देश को नई दिशा देने, सौ स्मार्ट सिटी बनाने और करोड़ों रोजगार देने के जो सब्जबाग दिखाए गए थे, वे सब धराशायी हो गए हैं।” उन्होंने बजट में शिक्षा के लिए आवंटित राशि पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा बजट को घटाकर 2.7 प्रतिशत कर देना यह दर्शाता है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कोई नया नवाचार (Innovation) नहीं करना चाहती, जो मध्य प्रदेश जैसे राज्य के लिए बेहद नुकसानदेह है।
यूजीसी नियमों को बताया ‘आपसी लड़ाई’ का जरिया यूजीसी के हालिया विवादित नियमों पर बोलते हुए पटवारी ने आरोप लगाया कि जब देश का युवा रोजगार की बात करता है, जब परीक्षाओं में धांधली और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आवाज उठाई जाती है, तब सरकार ध्यान भटकाने के लिए नए नियम ले आती है। उन्होंने कहा, “जब लोग हक की बात करने लगे, तो सरकार यूजीसी के ऐसे नियम ले आई जिससे समाज में आपस में लड़ाई शुरू हो जाए। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।”
विश्वगुरु के दावे और हकीकत में अंतर जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ भारत को विश्वगुरु बनाने की भावना व्यक्त की जाती है, लेकिन दूसरी तरफ कृषि और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी है और जमीनी स्तर पर किसान व बेरोजगार युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।











