Land Dispute: उज्जैन। जिले के घट्टिया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवेली में विवादित भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने के बाद विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। यहाँ रहने वाले आंजना परिवार ने विपक्षी पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि उनके विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC-ST एक्ट) के तहत झूठा प्रकरण दर्ज कराने की लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इस मामले में पीड़ित आंजना परिवार ने पुलिस अधीक्षक (SP) को एक लिखित शिकायत सौंपकर अपने लिए न्याय, सुरक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।
नवेली में तनावपूर्ण माहौल, आंजना परिवार ने मांगी सुरक्षा
ग्राम नवेली में इस घटना के बाद से ही माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। मंगलवार को पीड़ित ग्रामीण राकेश आंजना और सुनील आंजना उज्जैन पहुंचे। उन्होंने यहाँ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी शिकायत का ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए आवेदन में बताया गया कि अपर तहसीलदार के स्पष्ट आदेश पर बीते 23 मार्च 2026 को यशोदा बाई की भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया था। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से ही दूसरा पक्ष लगातार रंजिश पाले हुए है और गाँव में विवाद की स्थिति बनी हुई है।
मारपीट के बाद दबाव बनाने के लिए दी जा रही धमकी
शिकायत के अनुसार, बीते 22 जून को संतोष धानक और उसके भाई ने आंजना परिवार के सदस्यों के साथ जमकर मारपीट और गाली-गलौज की थी। पीड़ित परिवार ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट तुरंत संबंधित थाने में दर्ज करा दी थी। हालांकि, इस कानूनी कार्रवाई के विपरीत अब दूसरा पक्ष उन पर समझौता करने का अनुचित दबाव बना रहा है। यही कारण है कि आंजना परिवार को SC-ST एक्ट के तहत फंसाने की धमकियां मिल रही हैं। परिणामस्वरूप, पीड़ित परिवार मानसिक रूप से बेहद परेशान और डरा हुआ है।
वीडियो फुटेज और चश्मदीद गवाह हैं मौजूद
आंजना परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। उनके पास घटना से जुड़े पुख्ता वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शी चश्मदीद गवाह और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। ये सभी सबूत पूरे घटनाक्रम की असल सच्चाई और वास्तविकता को साफ तौर पर स्पष्ट कर सकते हैं। इसके बावजूद, परिवार ने आशंका जताई है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के उनके विरुद्ध एकतरफा पुलिसिया कार्रवाई की जा सकती है। इसी डर के कारण उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों की शरण लेनी पड़ी है।
पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
अंततः, शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से पुरजोर मांग की है कि किसी भी नए आवेदन या शिकायत पर कोई भी कदम उठाने से पहले जमीनी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही, गाँव में रह रहे पीड़ित परिवार को उचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, मिथ्या आरोप लगाकर और सरकारी नियमों का दुरुपयोग करके दबाव बनाने वाले लोगों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।









