निशानेबाज़ न्यूज़ डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि वर्ष 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को उनकी कूटनीतिक पहल ने रोक दिया। अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर उन्होंने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया होता तो हालात परमाणु टकराव की ओर बढ़ सकते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे बातचीत के दौरान स्वीकार किया था कि उनके दखल के बिना 35 मिलियन लोग मारे जा सकते थे। ट्रंप ने दावा किया कि साल 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान उनकी पहल ने पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जान बचाई थी।
“परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे हालात”
ट्रंप के मुताबिक, उस समय दोनों देशों के बीच हालात बेहद संवेदनशील थे और सैन्य गतिविधियां तेज हो चुकी थीं। उन्होंने दावा किया कि लगातार फोन कॉल और कूटनीतिक दबाव के जरिए उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से बात की और तनाव कम कराने में भूमिका निभाई। ट्रंप ने इसे अपनी विदेश नीति की बड़ी उपलब्धि बताया।
#WATCH | Addressing the 2026 State of the Union, United States President Donald Trump says, “… In my first 10 months, I ended eight wars… Pakistan and India would have had a nuclear war. 35 million people said the Prime Minister of Pakistan would have died if it were not for… pic.twitter.com/GnrgJKtjID
— ANI (@ANI) February 25, 2026
भारत ने खारिज किया सीजफायर का श्रेय
हालांकि, ट्रंप के इस दावे को भारत सरकार पहले भी खारिज कर चुकी है। भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि किसी भी तरह के युद्धविराम या तनाव कम करने का फैसला द्विपक्षीय और रणनीतिक परिस्थितियों के आधार पर लिया गया था, न कि किसी बाहरी दबाव में। आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि भारत अपनी सुरक्षा नीतियों पर स्वतंत्र निर्णय लेता है।
ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका की भूमिका
ट्रंप ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि भारतीय सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका से संपर्क साधा था। ट्रंप के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका ने सक्रिय कूटनीतिक प्रयास किए।
200% टैरिफ की चेतावनी
अपने भाषण में ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने दोनों देशों को 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उनका दावा है कि इस आर्थिक दबाव ने भी तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाई। ट्रंप के मुताबिक, उनकी इस सख्त चेतावनी के बाद दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच टकराव थम गया।
हालांकि, इन दावों पर भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया पहले ही सामने आ चुकी है, जिससे यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस का विषय बना हुआ है।











