निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : जिले के सर्व आदिवासी समाज और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने नायब तहसीलदार और थाना बरगी में ज्ञापन सौंपकर भूमि और सुरक्षा संबंधी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। ज्ञापन में कहा गया कि भूमाफियाओं द्वारा निजी जमीन पर अवैध कब्जा, गुंडागर्दी और आदिवासी महिलाओं के साथ बदसलूकी की जा रही है।
जबरन कब्जा और कम दाम में खरीदारी
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम गजना, तिनसी और आसपास के क्षेत्रों में आदिवासियों की जमीन कम दाम में खरीदने या जबरन कब्जा करने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। किसानों के पुराने रास्तों को तारबंदी कर बंद कर दिया गया, जिससे आवागमन और दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ा है।

डर और भय का माहौल
आदिवासियों ने बताया कि विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे पूरे समाज में भय का माहौल है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह के भीतर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो जिले का समस्त आदिवासी समाज और सामाजिक संगठन उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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प्रशासन पर सवाल
आदिवासी समाज का आरोप है कि पहले भी प्रशासन को मामले की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे यह सवाल उठता है कि क्या स्थानीय प्रशासन और थाने समय पर और प्रभावी कार्रवाई कर पा रहे हैं।
सतत निगरानी और कार्रवाई की मांग
समाज ने स्पष्ट किया कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई और आंदोलन दोनों को अंजाम दिया जाएगा। आदिवासी संगठन प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि भूमि अधिकारों की सुरक्षा और गुंडागर्दी पर रोक सुनिश्चित की जाए।











