Saturday, September 19, 2026
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Tomar brothers : सूदखोर हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं की चार प्रॉपर्टी को कुर्क करने का आदेश, कल तक कोर्ट में पेश नहीं हुए तो होगी कार्रवाई

Tomar brothers
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Tomar brothers : रायपुर: रायपुर सेशन कोर्ट ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र और रोहित तोमर की संपत्ति जब्त करने की याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने रायपुर कलेक्टर को चार प्रॉपर्टी कुर्क करने का आदेश भेजा है— इनमें तीन संपत्तियां वीरेंद्र तोमर की और एक संपत्ति रोहित तोमर की है। पुलिस ने बताया कि फरार तोमर बंधुओं के खिलाफ उद्घोषणा की अंतिम तिथि कल है। अगर वे कोर्ट में पेश नहीं हुए तो उनकी संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी।

Tomar brothers : सीएसपी राजेश देवांगन के अनुसार, पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में दोनों भाइयों पर कर्जा एक्ट, ब्लैकमेलिंग और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। लगातार फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक वे पकड़ से बाहर हैं। उनकी जानकारी देने वाले को 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

Tomar brothers : अपराध से अकूत संपत्ति तक का सफर

Tomar brothers : वीरेंद्र तोमर ने 2008 में समता कॉलोनी में अंडे का ठेला लगाकर शुरुआत की थी। वहीं से उसने ब्याज पर पैसा देना शुरू किया और धीरे-धीरे सूदखोरी को धंधा बना लिया। लोगों को 10–15% ब्याज पर कर्ज देकर वसूली के लिए मारपीट, अपहरण और धमकियों का सहारा लिया। देखते ही देखते उसने करोड़ों की संपत्ति बना ली— आलीशान कोठी, लग्जरी गाड़ियां, सोना-नकदी और अवैध हथियार तक।

Tomar brothers : जब्त संपत्ति व सामान

नकद: ₹35,10,300
सोना: 734 ग्राम, चांदी: 125 ग्राम
गाड़ियां: बीएमडब्ल्यू, थार, ब्रेज़ा
इलेक्ट्रॉनिक सामान: लैपटॉप, आईपैड, नोट गिनने की मशीन आदि
दस्तावेज: जमीन की रजिस्ट्री, लेन-देन के रजिस्टर
हथियार: रिवॉल्वर, पिस्टल, तलवारें, कारतूस

Tomar brothers : आपराधिक इतिहास

Tomar brothers : तोमर बंधु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। रायपुर में दोनों भाइयों के खिलाफ हत्या, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी, मारपीट और अवैध कब्जे जैसे 10 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।

Tomar brothers : रोहित तोमर के खिलाफ 2015 से 2019 के बीच कई केस दर्ज हैं— सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग, मारपीट और जानलेवा हमले तक।
वीरेंद्र तोमर पर 2006 से 2019 के बीच हत्या, धोखाधड़ी, मारपीट और ब्लैकमेलिंग के मामले दर्ज हैं।

Tomar brothers : पुलिस की चिंता

Tomar brothers : पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी फरारी के दौरान भी गंभीर अपराध करने की क्षमता रखते हैं और उनका खुले में रहना समाज के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए रेगुलेशन 80-A के तहत कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

 

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