Tikamgarh Water Crisis: जमील खान \ बल्देवगढ़/टीकमगढ़। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बड़ाघाट के तमोरा गांव में गंभीर पेयजल संकट ने ग्रामीणों की जिंदगी को मुश्किल में डाल दिया है। करीब 1800 की आबादी वाले इस गांव में हालात ऐसे हैं कि लोग मजबूरी में तालाब का मटमैला और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
बंद पड़ी नल-जल योजना बनी संकट की वजह
Tikamgarh Water Crisis: गांव में वर्ष 2021 में 55.04 लाख रुपये की लागत से तैयार रेट्रोफिटिंग नल-जल योजना का लोकार्पण किया गया था। यह योजना केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा वर्चुअल माध्यम से शुरू की गई थी। लेकिन वर्तमान में यह पूरी तरह बंद पड़ी है।ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन महीनों से नलों में पानी की आपूर्ति ठप है, जिसका मुख्य कारण बिजली बिल का भुगतान नहीं होना बताया जा रहा है।
तालाब का पानी बना एकमात्र सहारा
Tikamgarh Water Crisis: पानी की आपूर्ति बंद होने के बाद ग्रामीणों के पास अब केवल तालाब का दूषित पानी ही विकल्प बचा है। जहां एक ओर मवेशी उसी तालाब से पानी पी रहे हैं, वहीं महिलाएं और बच्चे उसी पानी को घर ले जाकर उपयोग कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में इस पानी को कई बार छानकर पीना पड़ रहा है, लेकिन स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
हैंडपंप भी नहीं दे रहे राहत
Tikamgarh Water Crisis: गांव में केवल दो हैंडपंप हैं, जिनमें से एक से पर्याप्त पानी नहीं निकलता। ऐसे में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।ग्रामीणों की पीड़ाफूलाबाई ने बताया कि तीन महीने से नलों में पानी नहीं आया है, इसलिए तालाब का पानी ही मजबूरी बन गया है।गिल्लन बाई अहिरवार ने कहा कि पानी की टंकी बंद होने के कारण मवेशियों और घर दोनों के लिए तालाब का पानी लाना पड़ रहा है।श्याम बाई ने कहा कि “प्यासे तो नहीं रह सकते, इसलिए मजबूरी में पानी छानकर पी रहे हैं।”
बिजली बिल न भरने से ठप हुई व्यवस्था
Tikamgarh Water Crisis: ग्रामीणों के अनुसार, नल-जल योजना का संचालन बिजली बिल के भुगतान के अभाव में बंद हो गया है, जिससे पूरी पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
Tikamgarh Water Crisis: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नल-जल योजना को तुरंत चालू किया जाए और गांव में नियमित व स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें इस गंभीर संकट से राहत मिल सके।







