Indian Freedom Struggle Movies: आज पूरा देश आजादी के जश्न में डूबा हुआ है। स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर और निजी संस्थानों में तिरंगा फहराया जा रहा है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी देशभक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। लेकिन स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में हमें सिर्फ मनोरंजन नहीं देतीं, बल्कि उन वीरों के संघर्ष और बलिदान की याद भी दिलाती हैं, जिनकी वजह से देश आजाद हुआ।स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अगर आप भी घर बैठे देशभक्ति से जुड़ी फिल्में देखना चाहते हैं, तो बॉलीवुड की कुछ ऐसी शानदार फिल्में हैं, जो भारत के संघर्ष, वीरता और देशप्रेम की कहानी बताती हैं। हालांकि इनमें से कुछ फिल्में 1947 से पहले की घटनाओं पर आधारित हैं, जबकि ‘बॉर्डर’ आजादी के बाद के युद्ध की कहानी दिखाती है।
स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में की बात हो तो आमिर खान की ‘लगान’ का नाम जरूर आता है। साल 2001 में रिलीज हुई यह फिल्म सीधे तौर पर स्वतंत्रता आंदोलन की कहानी नहीं है, लेकिन इसकी कहानी ब्रिटिश शासन के दौर में भारतीय गांव और अंग्रेजी हुकूमत के बीच संघर्ष को दिखाती है।फिल्म में गांव वालों पर लगाए गए भारी लगान की समस्या दिखाई गई है। अंग्रेजों की चुनौती स्वीकार कर गांव के लोग क्रिकेट मैच खेलने के लिए तैयार होते हैं। अनजान खेल को सीखकर अंग्रेजों को हराने की कोशिश उनकी एकजुटता और हिम्मत दिखाती है। यही वजह है कि स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में पसंद करने वालों के लिए ‘लगान’ आज भी खास है।
भगत सिंह की कहानी देखकर बढ़ जाएगा देशभक्ति का जोश
स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में में ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ एक बेहद चर्चित फिल्म है। साल 2002 में रिलीज हुई इस फिल्म में भगत सिंह के जीवन, उनके विचार और देश के लिए उनके बलिदान को दिखाया गया है।फिल्म बताती है कि किस तरह भगत सिंह और उनके साथियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई। देश के लिए हंसते-हंसते फांसी स्वीकार करने वाले भगत सिंह की कहानी आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है।
मंगल पांडे की कहानी में दिखेगा विद्रोह का पहला बड़ा चेहरा
स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में में ‘मंगल पांडे: द राइजिंग’ भी महत्वपूर्ण स्थान रखती है। साल 2005 में आई यह फिल्म 1857 के विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें आमिर खान ने मंगल पांडे की भूमिका निभाई थी।फिल्म में अंग्रेजी शासन के खिलाफ बढ़ते गुस्से और सैनिकों के विद्रोह को दिखाया गया है। मंगल पांडे का किरदार उस दौर की बेचैनी और अंग्रेजों के खिलाफ उठती आवाज को सामने लाता है। स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में देखने का मन है तो यह फिल्म आपकी लिस्ट में हो सकती है।
रानी लक्ष्मीबाई की वीरता देखकर गर्व से भर जाएगा दिल
स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में में ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ भी खास है। 2019 में रिलीज हुई इस फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और 1857 के संघर्ष को बड़े पर्दे पर दिखाया गया।रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ जिस साहस के साथ लड़ाई लड़ी, वह भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिल्म में उनके युद्ध कौशल, नेतृत्व और देश के प्रति समर्पण को दिखाने की कोशिश की गई है। स्वतंत्रता दिवस पर यह कहानी दर्शकों के भीतर देश के लिए गर्व की भावना पैदा करती है।
‘बॉर्डर’ में आजादी के बाद के सैनिकों की शहादत
यहां एक जरूरी बात है कि स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में वाली सूची में ‘बॉर्डर’ को शामिल करना ऐतिहासिक रूप से अलग है। यह फिल्म 1947 से पहले की आजादी की लड़ाई पर नहीं, बल्कि 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है।साल 1997 में रिलीज हुई ‘बॉर्डर’ में भारतीय सैनिकों की बहादुरी, उनके संघर्ष और परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करने की कहानी दिखाई गई है। फिल्म का गीत ‘संदेसे आते हैं’ आज भी देशभक्ति की भावना जगाता है और सैनिकों के बलिदान की याद दिलाता है।
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स्वतंत्रता दिवस पर इन फिल्मों से मिलेगा देशभक्ति का एहसास
आजादी का जश्न केवल तिरंगा फहराने और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम पर बनी फिल्में हमें उस दौर को समझने का मौका देती हैं, जब देश के लोगों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ लंबा संघर्ष किया था। ‘लगान’, ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’, ‘मंगल पांडे: द राइजिंग’ और ‘मणिकर्णिका’ आजादी से पहले के संघर्ष की अलग-अलग झलक दिखाती हैं, जबकि ‘बॉर्डर’ आजाद भारत के सैनिकों के बलिदान को सामने रखती है।






