Tikamgarh News: जर्जर स्कूल भवनों में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे टीकमगढ़ के बच्चे, बारिश में टपकती छत और सीलन बनी शिक्षा में बाधा

Sanjay Sahu
Tikamgarh News

Tikamgarh News: टीकमगढ़/ संतोष कुशवाहा : टीकमगढ़ जिले में जान जोखिम में डालकर सरकारी स्कूलों मे पढ़ने को मजबूर है छात्र और छात्राएं, बच्चों को पढ़ने में बड़ी बाधा बना जर्जर स्कूल, मौत को गले लगाकर पढ़ाई करते हैं छात्र छात्राएं, इन शासकीय स्कूलों में पढ़ाई पर ध्यान देने से ज्यादा बच्चों को सताता है छत के कंक्रीट एवं पानी टपकने का डर, बरसात के समय छत से लगातार टपकता है पानी, तो वही स्कूलों में आई सीलन के चलते कक्षा में बैठने में भी होती है बच्चों को परेशानी, यह हॉल पूरे जिले के अधिकांश स्कूलों के भवनों का है.

Tikamgarh News: दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के कई भवन तो इतने जर्जर हो चुके है की कभी भी हो सकते है धाराशाई, वही स्कूल भवनों की इन हालातों को जिले के आलाधिकारी स्वयं स्वीकार करते है, तो वही अन्य स्कूलों के प्राचार्य भी समय समय पर इन स्कूल भवनों के हालात से अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराते रहते है, पर शायद मध्य प्रदेश में भी राजस्थान ही की भाँति किसी बड़े हादसे का इंतजार है यहां की सरकार को।

Tikamgarh News: मध्य प्रदेश प्रदेश सरकार जहां शिक्षा पर स्कूल चलो अभियान जैसी अनेकों योजनायें चलाकर करोड़ो रूपये खर्च कर रही है, ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार लाया जाये और हर बच्चे को सुलभ व सुरक्षित शिक्षा मिल सके, किन्तु सरकार का ध्यान स्कूलों के भवनों की मजबूती व मरम्मत पर बिकुल नहीं है, अगर जिले के स्कूलों की बात की जाए तो जिला मुख्यालय पर ही कई भवनों के हालात काफी खराब है, वही ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालत और भी बदतर है, जहां बारिश के इस मौसम में पानी टपकने के कारण एक ही कक्ष में 100 बच्चों को बिठाकर पढ़ाई कराई जा रही है और तो और जिस दिन ज्यादा बारिश हो जाती है, तो स्कूल की छुट्टी कर देते है शिक्षक।

Tikamgarh News: वही शिक्षा विभाग के अधिकारी का कहना है की स्कूलों का सर्वे कार्य कराया जा रहा है, टीकमगढ़ कलेक्टर द्वारा 53 स्कूलों की स्वीकृति मिल गई है जिनके सुधार किए जाएंगे, टीकमगढ़ जिले में डेढ़ सौ के करीब जर्जर स्कूल हैं, उनकी कार्य योजना बनाकर आगे उनके सुधार कार्य किए जाएंगे।

 

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