भोपाल। मध्यप्रदेश के कौशल विकास संचालनालय के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। यह प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है, जो यह दर्शाता है कि कौशल विकास विभाग शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता का मानक स्थापित कर रहा है।
कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने इन तीनों अधिकारियों को उनके समर्पित कार्यों के लिए सम्मानित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्रणाली की गुणवत्ता को देशभर में पहचान दिलाने का प्रतीक है।
इस वर्ष का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार राजेंद्र मालवीया, प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग), शासकीय संभागीय आईटीआई भोपाल को प्रदान किया गया। दिनांक 5 सितम्बर 2025 को महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने उन्हें सम्मानित किया। राजेंद्र मालवीया ने व्यावहारिक प्रशिक्षण की विधियों में नवाचार कर अनेक प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा दी। उनके प्रशिक्षार्थियों ने न केवल स्वयं व्यवसाय स्थापित कर लाखों रुपये का रोजगार उत्पन्न किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियुक्तियाँ प्राप्त कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया।
इसके साथ ही वर्ष 2024 में भी विभाग के दो प्रशिक्षण अधिकारियों को यह सम्मान मिल चुका है—
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प्रशांत दीक्षित, प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड मैकेनिक डीजल) – इन्होंने छात्रों के लिए नवीन तकनीक विकसित की और ई-कंटेंट निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान इनके डिजिटल कंटेंट से लाखों आईटीआई छात्र लाभान्वित हुए।
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प्रेमलता रहांगडाले, प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड कोपा दृष्टिबाधित) – इन्होंने दृष्टिबाधित छात्रों को प्रशिक्षित और सशक्त बनाने का उल्लेखनीय कार्य किया। उनके मार्गदर्शन में दृष्टिबाधित छात्र कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में आत्मनिर्भर बने और समाज में गरिमापूर्ण पहचान स्थापित की।
डॉ. टेटवाल ने कहा कि “प्रदेश सरकार का प्रयास है कि कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। यह राष्ट्रीय पुरस्कार हमारे विभाग के सतत नवाचार और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है।”













