घरघोड़ा/जशपुर। जशपुर से उठी पत्रकारिता की आवाज अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक नूतन सिदार पर पत्रकारों को धमकाने और उनकी कलम तोड़ने की सुनियोजित साजिश के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, नूतन सिदार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पत्रकारों को एक-एक करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस थमाए। इसके अलावा, फोन पर पत्रकारों को आत्महत्या में फँसाने की धमकी दी गई। इस पूरी घटना में शासकीय ग्रुप का निजीकरण कर पत्रकारों को अपमानित किया गया।
कलेक्टर रहित व्यास इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौजूद थे, लेकिन प्रशासन ने कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की। पत्रकारों को “अपराधी” कहकर संबोधित करना लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधे हमला माना जा रहा है।
- ऋषिकेश मिश्रा – नोटिस
- Adobe Scan 11 Sept 2025Read News : CG News : शादी का झांसा देकर 16 महीने तक दुष्कर्म, आरोपी को चंद घंटे में पकड़ा
पत्रकार संघ की मांगें
संयुक्त पत्रकार संघ जशपुर ने सरकार से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
-
नूतन सिदार के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर बर्खास्तगी।
-
जनसंपर्क आयुक्त और संवाद प्रमुख द्वारा सार्वजनिक माफी।
-
विशेष उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन और दोषियों को सख्त सजा।
-
सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई।
Read News : Gold Rate Fall : सोने की कीमतों में अचानक कमजोरी, 24 कैरेट गोल्ड का नया भाव अपडेट
पत्रकार संघ का कहना है कि यह प्रकरण केवल जशपुर का नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और पत्रकारिता की स्वतंत्रता के लिए चेतावनी है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं करती, तो यह संदेश जाएगा कि सत्ता पत्रकारों की कलम तोड़ने की मुहिम चला रही है।
संयुक्त पत्रकार संघ की आवाज पूरे प्रदेश में गूंज रही है – लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












