Fake brother-in-law : इंदौर। शहर के तुकोगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों द्वारा भावनाओं से खिलवाड़ कर ठगी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने एक व्यक्ति को उसके विदेश में रहने वाले साले के नाम पर गुमराह किया और मजबूरी का हवाला देकर करीब 1 लाख 83 हजार रुपये हड़प लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
Fake brother-in-law : जानकारी के अनुसार, कंचन बाग निवासी जसवंत कुमार को पिछले दिनों एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को जसवंत का साला बताया जो वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रहता है। ठग ने अपनी आवाज और लहजे से जसवंत को विश्वास में लिया और बताया कि वह किसी बड़ी कानूनी या आर्थिक समस्या में फंस गया है। उसने अपनी मजबूरी का हवाला देते हुए तुरंत पैसों की मदद मांगी। जसवंत ने बिना वास्तविकता की जांच किए, अपने रिश्तेदार की मदद के उद्देश्य से ठग द्वारा बताए गए बैंक खाते में 1.83 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
Fake brother-in-law : पैसे भेजने के कुछ समय बाद जब जसवंत ने अपने असली साले से संपर्क किया, तब उसे अहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। पीड़ित ने तत्काल इसकी शिकायत साइबर सेल भोपाल में दर्ज कराई। भोपाल से प्राप्त जीरो एफआईआर (Zero FIR) के आधार पर अब इंदौर की तुकोगंज पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
Fake brother-in-law : एडिशनल डीसीपी रामसनेही मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस उन बैंक खातों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है, जिनमें राशि ट्रांसफर की गई थी। ठगों ने किस मोबाइल नंबर और लोकेशन का उपयोग किया, इसकी भी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले ‘इमरजेंसी कॉल’ पर तुरंत पैसे न भेजें। पहले संबंधित व्यक्ति के पुराने या ज्ञात नंबर पर कॉल कर पुष्टि जरूर करें। इंदौर पुलिस अब उन डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा कर रही है जो आरोपियों तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं।













