Saturday, August 15, 2026
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Thailand Cambodia : फिर विवादों के केंद्र में प्रीह विहिअर शिव मंदिर….पढ़े पूरी खबर

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Thailand Cambodia
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Thailand Cambodia : बैंकॉक/नोम पेन्ह, 27 जुलाई 2025: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद एक बार फिर गहरा गया है, और इस बार इसके केंद्र में प्राचीन प्रीह विहिअर शिव मंदिर है। यह ऐतिहासिक हिंदू तीर्थस्थल, जो कभी गौरवशाली खमेर साम्राज्य के वैदिक वैभव का प्रतीक था, अब दोनों देशों के बीच नए सिरे से तनाव का कारण बन रहा है।

Thailand Cambodia : यह विवाद एक सदी से भी अधिक पुराना है, जिसकी जड़ें औपनिवेशिक काल तक जाती हैं। इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, कंबोडिया के उत्तरी पठार पर खड़ी चट्टानों पर स्थित यह भव्य मंदिर 9वीं से 12वीं सदी के बीच खमेर शासकों द्वारा भगवान शिव को समर्पित कर बनवाया गया था। इसकी स्थापत्य शैली और जटिल नक्काशी खमेर वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

विवाद की जड़ें और वर्तमान स्थितिThailand-Cambodia Border Conflict: Sacred Sites and Political Fights –  American University: Journal of International Service

प्रीह विहिअर मंदिर को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब 20वीं सदी की शुरुआत में फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासकों ने सीमांकन किया। 1962 में, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने इस मंदिर पर कंबोडिया के संप्रभु अधिकार को मान्यता दी, लेकिन मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों और आसपास के क्षेत्रों को लेकर अस्पष्टता बनी रही। इसके बाद से, समय-समय पर दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आते रहे हैं, जिससे सीमा पर तनाव की स्थिति बनी रहती है।

हालिया घटनाक्रमों में, दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। थाईलैंड का दावा है कि मंदिर तक पहुंचने के कुछ रास्ते उसके क्षेत्र में आते हैं, जबकि कंबोडिया इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है। राजनयिक स्तर पर भी बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

यह प्राचीन मंदिर, जिसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है, न केवल धार्मिक और पुरातात्विक महत्व रखता है, बल्कि यह दोनों देशों के लिए राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक भी बन गया है। अब देखना यह होगा कि इस जटिल और संवेदनशील मुद्दे को सुलझाने के लिए दोनों देश किस तरह की कूटनीतिक पहल करते हैं, ताकि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनी रहे।

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