TET controversy : रायपुर / दिल्ली: TET विवाद और ई-अटेंडेंस सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर शालेय शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुँचा है। संघ के पदाधिकारी प्रधानमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने और विवादित मुद्दों का समाधान निकालने की उम्मीद कर रहे हैं।
TET controversy : इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर निजी मोबाइल से ई-अटेंडेंस बंद करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर सभी हितलाभ देने, शिक्षक संवर्ग के रिक्त पदों पर पदोन्नति और प्राचार्य सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा जल्द आयोजित करने की मांग रखी।
TET controversy : प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से भेंट की। संघ ने कहा कि प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना नहीं होने के कारण शिक्षक LB संवर्ग का बड़ा वर्ग पेंशन और क्रमोन्नति से वंचित हो रहा है। संविलियन तिथि से गणना होने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
TET controversy : शिक्षकों में TET पात्रता को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। संघ का कहना है कि समाचारों के चलते शिक्षक अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं, इसलिए ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे किसी का अहित न हो।
TET controversy : संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री से भी मुलाकात का प्रयास किया जा रहा है, जहाँ TET अनिवार्यता हटाने और मध्य रास्ता निकालने का अनुरोध किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री संवेदनशील हैं और सकारात्मक समाधान की उम्मीद है।
TET controversy : संघ ने शिक्षक संवर्ग के सभी रिक्त पदों पर पदोन्नति और प्राचार्य सीमित विभागीय परीक्षा शीघ्र कराने की मांग दोहराई। संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों और सदस्यों ने सरकार से इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।











