नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए आत्मघाती विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अब उस आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद नबी का एक नया वीडियो मिला है, जो घटना के बाद से ही जांच के दायरे में था।
इस नए वीडियो में उमर अंग्रेज़ी में बोलते हुए आत्मघाती हमलों को धार्मिक रूप से सही ठहराने की कोशिश करता दिखाई देता है। वह दावा करता है कि लोग इस प्रकार की कार्रवाइयों की “मूल अवधारणा” को समझने में नाकाम रहते हैं।देखा जाए तो यह वीडियो एक बंद कमरे में रिकॉर्ड किया गया है, जहां वह अकेला बैठकर लंबा संदेश दे रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह वीडियो धमाके से कुछ दिन पहले रिकॉर्ड किया गया होगा।
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जानें क्या है उमर का दावा
अपने इस वीडियो में उमर मोहम्मद ने वीडियो में कहा कि आत्मघाती हमलों को लेकर कई भ्रम हैं और इन्हें गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। वह इसे “शहादत अभियान” बताकर इसकी व्याख्या करता है। मामले पर सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह बयान उसकी कट्टरपंथी मानसिकता को दर्शाता है, जिसे वह सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए फैलाने की कोशिश करता रहा था।
उमर ने अपनी बात में यह भी कहा कि मौत का समय और स्थान कोई नहीं जानता और “मौत से डरना नहीं चाहिए” — एक ऐसा संदेश जिसे एजेंसियाँ आतंकी मानसिकता फैलाने की रणनीति से जोड़ रही हैं।
दिल्ली धमाके में अब तक 15 की मौत, डीएनए से उमर की पुष्टि
लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए धमाके में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में पाया गया कि कार में बैठे व्यक्ति ने खुद को उड़ा लिया था।फोरेंसिक टीम ने उसके अवशेषों का डीएनए टेस्ट किया, जिसमें पुष्टि हुई कि आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर मोहम्मद ही था।
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इस मामले में दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से कई लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।जांच का लिंक फरीदाबाद में मिले 2900 किलोग्राम विस्फोटक से भी जुड़ रहा है।
कौन था डॉ. उमर?
जानकारी दें कि, डॉ. उमर मूल रूप से पुलवामा के कोइल गांव का निवासी था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में उसका व्यवहार काफी बदल गया था।
- 30 अक्टूबर को उसने फरीदाबाद के अल-फला यूनिवर्सिटी की नौकरी छोड़ दी
- अक्सर दिल्ली और फरीदाबाद के बीच आना-जाना करता था
- रामलीला मैदान और सुनहरी मस्जिद इलाके की मस्जिदों में रुकता था
- 9 नवंबर को फरीदाबाद पुलिस की छापेमारी के बाद लापता हो गया
उसी दिन फरीदाबाद के एक गोदाम से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए थे।जांच एजेंसियाँ इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी हुई हैं।













