रीवा। Nishaanebaz.com-TRS College Guest Faculty Row: मध्य प्रदेश के रीवा जिले का प्रसिद्ध ठाकुर रणमत सिंह (टीआरएस) कॉलेज एक बार फिर प्रशासनिक विवादों के कारण सुर्खियों में है। महाविद्यालय से अतिथि विद्वानों (गेस्ट फैकल्टी) को नौकरी से निकाले जाने के बाद यह मुद्दा काफी गरमा गया है। पीड़ित अतिथि विद्वानों ने टीआरएस कॉलेज की प्राचार्य अर्पिता अवस्थी और राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गायत्री मिश्रा के खिलाफ मनमानी करने और प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में सवाल उठाए जा रहे हैं कि विभागों में वर्कलोड होने के बावजूद योग्य अतिथि शिक्षकों को सेवा में क्यों नहीं रखा जा रहा है।
मामले का खुलासा करते हुए पीड़ित अतिथि विद्वान शिवानंद पयासी ने बताया कि रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कॉलेज प्रशासन का अड़ियल रवैया बरकरार है। पयासी का आरोप है कि विभागों में वर्कलोड होने और अतिथि विद्वानों की सख्त आवश्यकता होने के बाद भी प्राचार्य अर्पिता अवस्थी द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और उच्च न्यायालय के आदेशों की भी खुलेआम अवहेलना की जा रही है।
राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गायत्री मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ित विद्वानों ने कहा कि हाई कोर्ट और जिला कलेक्टर के आदेशों का कॉलेज स्तर पर कोई पालन नहीं किया जा रहा है। प्राचार्य के इस कथित मनमाने रवैये से आक्रोशित अतिथि विद्वानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार कर उन्हें पुनः जॉइनिंग नहीं दी गई, तो वे महाविद्यालय परिसर में उग्र धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
अतिथि विद्वानों का यह भी दावा है कि कॉलेज में पारदर्शी प्रक्रिया को दरकिनार कर मनमाने ढंग से भर्तियां की जा रही हैं, जबकि वर्षों से पढ़ा रहे योग्य शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इधर, रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच की अनुशंसा की है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी है। अब सभी की नजरें उच्च शिक्षा विभाग द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।






