बैतूल। Nishaanebaz.com-Betul News: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही क्षेत्र में इस वर्ष मानसून के दौरान अपेक्षित बारिश न होने के कारण किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भैंसदेही ने क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों के हित में विभिन्न राहत उपायों की मांग को लेकर जोरदार मोर्चा खोल दिया है। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रामू टेकाम और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज (रानू) ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों व कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM), भैंसदेही को सौंपा है।
बैतूल के भैंसदेही में अल्प वर्षा से फसल प्रभावित होने का दावा, कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम SDM को ज्ञापन सौंपकर सूखाग्रस्त घोषित करने समेत 11 मांगें रखीं।
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— News (@khalkho_ji) October 5, 2026
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं और किसानों ने बताया कि कम बारिश के चलते खरीफ सीजन की फसलें बड़े पैमाने पर चौपट हो गई हैं, जिससे अन्नदाताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि अब आगामी रबी फसल की बोवनी को लेकर भी किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से फसल क्षति का सर्वे कराए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा वितरित करे।
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ज्ञापन में मुख्य रूप से 11 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें भैंसदेही क्षेत्र को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के साथ-साथ किसानों के कृषि ऋण में राहत देने और कर्ज माफी की व्यवस्था करने की बात प्रमुखता से उठाई गई है। इसके अलावा, किसानों के बिजली बिल माफ करने अथवा विशेष राहत प्रदान करने, रबी फसल के लिए चना व अन्य आवश्यक बीज अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने तथा खाद व कृषि सामग्री समय पर मुहैया कराने की मांग भी की गई है।
क्षेत्र में संभावित पेयजल संकट और पशुओं के चारे को लेकर भी गहरी चिंता जताई गई है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए टैंकरों और अन्य जलस्रोतों का इंतजाम अभी से किया जाए। साथ ही, पशुओं के लिए चारे और पानी की अग्रिम व्यवस्था करने तथा कुओं, तालाबों व अन्य जलस्रोतों के संरक्षण और पुनर्भरण के कार्य तत्काल शुरू कराने पर जोर दिया गया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो किसानों को साथ लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।






