Kitchen Tips: प्रेशर कुकर आज लगभग हर किचन का जरूरी हिस्सा है। इसमें खाना कम समय में आसानी से तैयार हो जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकती है। कुकर के अंदर भाप और दबाव बनता है, इसलिए इसके हर हिस्से का सही स्थिति में होना और तय क्षमता के अनुसार इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
कुकर को जरूरत से ज्यादा भरना
कई लोग दाल, चावल या सब्जी बनाते समय कुकर को लगभग पूरा भर देते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। कुकर में भाप बनने और दबाव के लिए पर्याप्त जगह रहना जरूरी होता है। ज्यादा सामग्री भरने पर वेंटिंग सिस्टम प्रभावित हो सकता है और प्रेशर नियंत्रित करने में परेशानी आ सकती है। इसलिए कुकर पर दी गई अधिकतम भरने की सीमा का हमेशा ध्यान रखें।
पानी की मात्रा में न करें मनमानी
कुकर में पर्याप्त मात्रा में तरल होना जरूरी है, क्योंकि भाप बनने से ही प्रेशर तैयार होता है। जरूरत से कम पानी डालने पर खाना जलने के साथ कुकर के अंदर का तापमान और दबाव सामान्य से अलग हो सकता है। इसलिए हर डिश के हिसाब से सही मात्रा में पानी डालना जरूरी है।
प्रेशर रहते हुए ढक्कन खोलना
खाना जल्दी निकालने के चक्कर में कभी भी कुकर का ढक्कन जबरदस्ती न खोलें। जब तक अंदर का दबाव पूरी तरह खत्म न हो जाए, ढक्कन लॉक रह सकता है। गैस बंद करने के बाद कुकर को सुरक्षित तरीके से प्रेशर रिलीज होने दें और तभी ढक्कन खोलें।
गैस्केट और वाल्व को नजरअंदाज करना
कुकर की रबर गैस्केट, सीटी या वेंटिंग वाल्व जैसे हिस्से समय के साथ खराब हो सकते हैं। इनमें दरार, टूट-फूट या गंदगी नजर आए तो इन्हें नजरअंदाज न करें। खराब पार्ट्स को सही क्वालिटी वाले नए पार्ट से बदलना जरूरी है।
ढक्कन और लॉक जरूर जांचें
कुकर को गैस पर रखने से पहले देखें कि ढक्कन ठीक से लॉक हुआ है या नहीं। लॉकिंग सिस्टम में खराबी हो तो कुकर का इस्तेमाल करने से बचें। साथ ही वेंट पाइप में किसी तरह की रुकावट नहीं होनी चाहिए। थोड़ी-सी सावधानी बरतकर प्रेशर कुकर से होने वाले हादसों का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।






