खरगोन/महेश्वर। Nishaanebaz.com-Khargone Revenue Team Attack: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से प्रशासनिक व्यवस्था और शासकीय अमले की सुरक्षा को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिले के महेश्वर जनपद अंतर्गत ग्राम भकलाय में शासकीय भूमि के सीमांकन (Demarcation) की कार्रवाई करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम पर असामाजिक तत्वों और ग्रामीणों ने योजनाबद्ध तरीके से लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में राजस्व निरीक्षक (RI) का पैर फ्रैक्चर हो गया, जबकि पटवारी का सिर फटने से वे लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े। घायलों की बेहद नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर रेफर किया गया है।
घात लगाकर बैठे दबंगों ने अचानक बोला हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार दोपहर लगभग 2 से 3 बजे के बीच की है। आवेदक जितेंद्र परमार द्वारा दिए गए सीमांकन के आवेदन पर राजस्व विभाग की टीम पूरे प्रशासनिक प्रोटोकॉल के साथ ग्राम भकलाय पहुंची थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही टीम ने मौके पर नाप-जोख की कार्रवाई शुरू की, पहले से घात लगाकर तैयार बैठे नादानसिंह मालिवाड़, पन्नालाल भूरिया, बलवंत परमार, नारायण परमार और उनके साथ मौजूद 20 से अधिक उपद्रवियों ने अचानक लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी व धारदार हथियारों के साथ राजस्व अमले पर धावा बोल दिया।
अधिकारियों की हालत गंभीर, प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर
अचानक हुए इस बर्बर हमले में राजस्व निरीक्षक (RI) अभिषेक जमरा का पैर कई जगह से फ्रैक्चर हो गया, वहीं पटवारी राजा कुमार के सिर पर धारदार हथियार या डंडे का गहरा वार लगने से उनका सिर फट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
साथी कर्मचारियों ने आनन-फानन में दोनों गंभीर घायलों को इलाज के लिए पास के मंडलेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक डॉक्टरी जांच और मरहम-पट्टी के बाद दोनों अधिकारियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर न्यूरो व आर्थोपेडिक इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया। घटना की खबर मिलते ही एसडीएम पूर्वा मंडलोई, एसडीओपी श्वेता शुक्ला, तहसीलदार कैलाश सस्तिया और थाना प्रभारी पंकज तिवारी तत्काल अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों की स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस की देरी पर पटवारी संघ में आक्रोश, हड़ताल की चेतावनी
ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हुए इस जानलेवा हमले से पूरे मध्य प्रदेश के पटवारी संघ और राजस्व कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। पटवारी संघ ने घटना का पुरजोर विरोध करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संघ का आरोप है कि सीमांकन कार्रवाई से पहले पुलिस बल की मांग की गई थी और घटना के वक्त भी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची, जिसके कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। पटवारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर सभी हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे पूरे जिले में काम बंद हड़ताल (Strike) पर चले जाएंगे।
4 नामजद समेत 20 से अधिक उपद्रवियों पर केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने, बलवा करने और सरकारी कर्मचारियों पर प्राणघातक चोट पहुंचाने की गंभीर धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नादानसिंह, पन्नालाल, बलवंत और नारायण सहित 20 से अधिक अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी धरपकड़ के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।
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इस घटना ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में मैदानी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। देखना होगा कि जिला प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कितनी सख्त और त्वरित दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाता है।