भोपाल। Nishaanebaz.com-Madhya Pradesh NCORD Meeting: मध्य प्रदेश को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से पूरी तरह मुक्त बनाने की दिशा में राज्य शासन ने अपनी प्रशासनिक और कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंत्रालय में आयोजित पांचवी राज्य स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध मादक पदार्थों के संपूर्ण रैकेट को आगामी दो-तीन वर्षों में जड़ से समाप्त करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर एक गंभीर और सुनियोजित अभियान चलाएं।
मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने बैठक के दौरान बल देते हुए कहा कि जिस तर्ज पर प्रदेश से नक्सलवाद का सफाया किया गया है, उसी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ ड्रग नेटवर्क के खिलाफ भी त्रि-वर्षीय विशेष अभियान चलाया जाए ताकि समाज के हर वर्ग तक एक कड़ा और स्पष्ट संदेश जाए। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, नार्कोटिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए अपनी रूपरेखा साझा की।
योजना के शुरुआती चरण के तहत प्रदेश के 500 से अधिक विद्यार्थी संख्या वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में विशेष एंटी ड्रग समितियों का गठन किए जाने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इन समितियों में शिक्षकों, पालकों, विद्यार्थियों के साथ-साथ उच्च शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय विभाग और स्थानीय पुलिस के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इन समितियों का नोडल ऑफिसर स्थानीय पुलिस थाने के बीट इंचार्ज को बनाया जाएगा, तथा सूचना देने वाले विद्यार्थियों व शिक्षकों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
ड्रग नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए सूचना तंत्र को जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि नार्कोटिक्स वर्टिकल, एसआईबी और स्थानीय पुलिस के बीच आपसी समन्वय को और अधिक बेहतर किया जाए। इसके साथ ही, आम जनता को जागरूक करने और गोपनीय सूचनाएं देने के लिए राष्ट्रीय नार्कोटिक्स हेल्पलाइन नंबर ‘मानस पोर्टल 1933’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया, ताकि लोग बेझिझक असामाजिक गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकें।
बैठक में यह भी सामने आया कि ड्रग विनिष्टिकरण की कार्रवाई के मामले में मध्य प्रदेश देश भर में पहले स्थान पर बना हुआ है, जिसे लेकर मुख्य सचिव ने संतोष व्यक्त किया। पिछले दो वर्षों में अधिकारियों ने भारी मात्रा में जब्त अवैध मादक पदार्थों का नियमानुसार विनिष्टिकरण किया है। इसके अलावा, अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध सख्त वित्तीय प्रहार करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्तियां भी अटैच की गई हैं, और रासायनिक कारखानों में प्रीकर्सर के डायवर्जन को रोकने के लिए विशेष निगरानी दस्ते गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सामाजिक न्याय और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति केंद्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके। प्रशासन की इस व्यापक और बहुआयामी रणनीति से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में राज्य सरकार मादक पदार्थों के नेटवर्क पर पूरी सख्ती से लगाम कसने के लिए प्रतिबद्ध है।