जबलपुर। Nishaanebaz.com-BJP MLA Ajay Vishnoi X Post: मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी और बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है, जहां जबलपुर की पाटन विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने एक बार फिर अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। जबलपुर क्षेत्र में आकार ले रहे नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तीखा और व्यंग्यात्मक पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं, संवादहीनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने अपने इस चर्चित पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा है कि यदि इतनी महत्वपूर्ण योजना को तैयार करते समय सरकार या संबंधित विभागीय प्रशासनिक अधिकारी उनके जैसे “छोटे नेताओं” से भी थोड़ी बहुत चर्चा कर लेते, तो शायद जमीनी स्थितियां कुछ और ही नजर आतीं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें इतने बड़े और ड्रीम प्रोजेक्ट की जानकारी किसी प्रशासनिक बैठक, विभागीय फाइल या सरकारी दस्तावेज से नहीं मिल रही है, बल्कि समाचार पत्रों में छपने वाली तस्वीरों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उद्योगपतियों की प्रसन्न मुद्रा वाली फोटो से ही सब पता चल रहा है।
सबसे पहली इन्वेस्टर मीट जबलपुर में हुई थी, तब से इंतजार है कि जबलपुर में उद्योग आएंगे। वर्षों बाद खुशखबरी मिली कि जबलपुर को जोड़ते हुए एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन गया है, जिसमें जबलपुर के लिए उद्योग आएंगे। जबलपुर के उद्योगपतियों की प्रसन्नता व्यक्त करते हुए फोटो भी देखने मिल गई।
मुझे और ज्यादा प्रसन्नता यह जानकर हुई कि इस कॉरिडोर में मेरी विधानसभा के मझौली विकासखंड को भी शामिल किया हुआ है।
काश, योजना बनाते समय न सही, बन जाने के बाद ही हम जैसे छोटे जनप्रतिनिधियों को भी कोई बता देता कि योजना क्या है, धरातल पर कब उतरेगी और उसमें जबलपुर के लिए क्या होगा।
— Ajay Vishnoi (@AjayVishnoiBJP) October 23, 2026
वरिष्ठ विधायक का स्पष्ट रूप से कहना है कि जिस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की इतनी जोर-शोर से बातें की जा रही हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा खुद उनकी अपनी पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद, एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें यह तक मालूम नहीं है कि उनकी विधानसभा क्षेत्र की जमीन पर आखिरकार कौन सा उद्योग स्थापित होने जा रहा है और उसका धरातल पर आम लोगों व स्थानीय रोजगार से क्या लेना-देना है। इस अनदेखी ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूर्व मंत्री ने पोस्ट में लिखा कि पहले आयोजित हुई इन्वेस्टर मीट से लेकर अब तक जितने भी बड़े-बड़े सरकारी आयोजन और घोषणाएं हुई हैं, वह और उनके क्षेत्र की जनता लगातार इसी बात का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर ये प्रस्तावित उद्योग धरातल पर कब और कैसे उतरेंगे। उनका यह बयान एक बार फिर पार्टी संगठन के भीतर संवाद की भारी कमी और नौकरशाही के हावी होने के आरोपों को हवा देता हुआ नजर आ रहा है, जिसने विपक्ष को भी बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा थमा दिया है।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर वरिष्ठ बीजेपी विधायक अजय विश्नोई का यह पोस्ट सामने आने के बाद से ही मध्य प्रदेश की राजनीति में खासी हलचल मच गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अपनी ही सरकार के खिलाफ समय-समय पर इस तरह मुखर होकर बयानबाजी करने से संगठन के भीतर सब कुछ ठीक न होने के संकेत मिलते हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में पार्टी नेतृत्व या सरकार की तरफ से क्या प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने आता है।