रायपुर। Nishaanebaz.com-Raipur BTI Ground Controversy: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित ऐतिहासिक बीटीआई (BTI) ग्राउंड को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही तरह-तरह की चर्चाओं और राजनीतिक बयानों के बीच रायपुर उत्तर क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के विधायक पुरंदर मिश्रा ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने मीडिया के समक्ष स्थिति स्पष्ट करते हुए आधिकारिक तौर पर कहा है कि बीटीआई ग्राउंड में किसी भी प्रकार का व्यावसायिक या आवासीय परिसर नहीं बनाया जाएगा।
विधायक पुरंदर मिश्रा के अनुसार, नए निर्माण की जो पूरी योजना तैयार की गई है, उसका बीटीआई ग्राउंड से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्माण बीटीआई ग्राउंड की जमीन पर नहीं, बल्कि उससे ठीक लगे सरकारी कर्मचारियों के पुराने और जर्जर हो चुके मकानों के स्थान पर प्रस्तावित किया गया है। इन पुराने जर्जर मकानों को हटाकर ही नए व्यावसायिक एवं आवासीय परिसरों का निर्माण कराया जाएगा। ग्राउंड और उससे लगे शासकीय आवासों के बीच के अंतर को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि बीटीआई ग्राउंड आम जनता और खेल गतिविधियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
उल्लेखनीय है कि बीटीआई ग्राउंड परिसर में व्यावसायिक और आवासीय निर्माण की खबरों को लेकर राजधानी का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ था। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन को घेर रहा था। इसी क्रम में एक दिन पूर्व गुरुवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस प्रस्तावित निर्माण का कड़ा विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने रायपुर की जनता को ट्रैफिक और विकास के नाम पर प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया था।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बयान में कहा था कि राजधानी रायपुर में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने दो-दो बंगले अपने पास रखे हुए हैं। उन्होंने मांग की थी कि सभी मंत्रियों को राजधानी स्थित अतिरिक्त बंगले छोड़ देने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि बीटीआई ग्राउंड में किसी भी तरह का कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाना बेहद गलत फैसला है, जिससे आम जनता और आसपास के निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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विपक्ष की ओर से उठाए गए इन सवालों और आम नागरिकों में बढ़ती भ्रम की स्थिति के बीच विधायक पुरंदर मिश्रा का यह स्पष्टीकरण बेहद अहम माना जा रहा है। उनके इस बयान के बाद बीटीआई ग्राउंड के अस्तित्व को लेकर जताई जा रही आशंकाओं पर विराम लगने की उम्मीद है। हालांकि, जर्जर शासकीय मकानों के स्थान पर बनने वाले नए प्रोजेक्ट को लेकर आने वाले दिनों में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।