इंदौर। Nishaanebaz.com-Indore-Lokayukta-Trap-Case: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सरकारी कामकाज की एवज में आम नागरिकों और वाहन संचालकों से अवैध वसूली करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बार नगर निगम के जोन क्रमांक 13 में पदस्थ एक उपयंत्री को पानी के टैंकर का पेंडिंग बिल पास करने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया है, जिससे निगम कार्यालय से लेकर प्रशासनिक महकमे तक में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला इंदौर नगर निगम के जोन क्रमांक 13 से जुड़ा हुआ है। नायता मुंडला निवासी शिकायतकर्ता सोहेल पटेल ने कुछ समय पहले इंदौर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनका पानी का टैंकर नगर निगम में अटैच है, जिसके पिछले तीन महीने के करीब एक लाख बारह हजार पांच सौ रुपए का भुगतान होना शेष था। इस बकाया बिल राशि को पास करने और निगम की लॉगबुक का विधिवत सत्यापन करने के नाम पर जोन-13 में पदस्थ उपयंत्री हर्ष गहलोत द्वारा लगातार छह हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता सोहेल पटेल ने इस मानसिक प्रताड़ना और रिश्वतखोरी से तंग आकर मामले की शिकायत एसपी लोकायुक्त राजेश सहाय से की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरी गंभीरता दिखाते हुए नियमों के तहत इसका भौतिक सत्यापन कराया। गोपनीय जांच के दौरान उपयंत्री द्वारा रिश्वत मांगे जाने का मामला पूरी तरह सही पाया गया। सत्यापन पुख्ता होने के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरी योजना के तहत बुधवार को चाणक्यपुरी चौराहे पर हनुमान मंदिर के सामने एक ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
जैसे ही आरोपी उपयंत्री हर्ष गहलोत ने शिकायतकर्ता सोहेल पटेल से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में पांच हजार रुपए अपने हाथ में लिए, वहां पहले से ही सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस सफल ट्रैप कार्रवाई को लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास और उनकी पूरी टीम ने अंजाम दिया।
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी उपयंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के अंतर्गत विधिवत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। मीडिया से बातचीत करते हुए लोकायुक्त टीआई आशुतोष मिठास ने बताया कि आरोपी उपयंत्री से पूछताछ की जा रही है तथा इस भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य दस्तावेजों, बैंक खातों और निगम के अन्य पहलुओं की भी बारीकी से जांच-पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।
