रायगढ़। Nishaanebaz.com-Raigarh Interstate Timber Smuggling Racket: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वन विभाग और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने खैर और तेंदू प्रजाति की बेसकीमती लकड़ियों की अवैध कटाई, भंडारण और तस्करी करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों में पैसों का लालच देकर जंगलों से अवैध कटाई करवाते थे और फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) तैयार कर लकड़ियों को हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में ऊंचे दामों पर खपाते थे।
मामले में पुलिस ने संगठित अपराध, धोखाधड़ी, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं और भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिंडिकेट का जाल रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार वन परिक्षेत्र में फैला हुआ था। आरोपी रोहित मित्तल ने जूटमिल थाना क्षेत्र के जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित एक गोदाम को किराये पर लिया था।
रोहित अपने बिजनेस पार्टनर मनीष अग्रवाल, ट्रांसपोर्टर सलाउद्दीन खान और भरत कुमार मेश्राम के साथ मिलकर अवैध लकड़ियों को गोदाम में डंप करता था। वहां लकड़ियों की छिलाई और कटाई के बाद बिना वैध परमिट के दूसरे राज्यों में सप्लाई की जाती थी। यह पूरा मामला मई 2025 में गढ़उमरिया गोदाम में मारे गए छापे से शुरू हुआ था, जहां वन विभाग की टीम ने ट्रक में लदे और गोदाम में जमा भारी मात्रा में खैर और तेंदू के लट्ठे जब्त किए थे। मौके से आरोपी फरार हो गए थे और जो टीपी पेश की गई थी, उस पर वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर ही नहीं थे।
गहन जांच के बाद डीएफओ रायगढ़ के निर्देश पर वन क्षेत्रपाल संजय लकड़ा ने 2 सितंबर 2026 को जूटमिल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने छापेमारी कर तीन मुख्य तस्करों को धर दबोचा। पुलिस अब फरार ट्रांसपोर्टर भरत मेश्राम की तलाश कर रही है।


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