लाइफस्टाइल डेस्क। Nishaanebaz.com-Why Dal Takes Longer To Cook In Pressure Cooker: भारतीय रसोई में दाल दैनिक भोजन का सबसे अहम हिस्सा है। अक्सर देखा जाता है कि जो दाल रोजाना 2 से 3 सीटी में पक जाती थी, वही दाल अचानक गलने में दोगुना समय लेने लगती है। ऐसी स्थिति में आमतौर पर पहली आशंका यही होती है कि प्रेशर कुकर खराब हो गया है। हालांकि, हर बार समस्या कुकर की नहीं होती; बल्कि दाल की किस्म, पानी का अनुपात, भिगोने की अवधि और गैस की आंच जैसे कई अन्य कारक भी इसके जिम्मेदार हो सकते हैं।
यदि आपके घर में भी दाल पकाने में ज्यादा समय लग रहा है, तो कुकर बदलने या मैकेनिक के पास जाने से पहले निम्नलिखित पहलुओं की जांच अवश्य कर लें:
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1. कुकर की रबर गैसकेट (Gasket Leakage):
कुकर के ढक्कन में लगी रबर गैसकेट समय के साथ ढीली, सख्त या कट-फट जाती है। अगर ढक्कन के किनारों से भाप (Steam) बाहर निकल रही है, तो अंदर पर्याप्त दबाव नहीं बन पाता, जिससे दाल गलने में अधिक समय लगता है। ऐसी स्थिति में गैसकेट को तुरंत बदल देना चाहिए।
2. वेंट ट्यूब और सीटी में रुकावट (Blocked Vent Tube):
सीटी (Safety Valve) या वेंट ट्यूब के अंदर दाल के छोटे कण फंस जाने से भाप का निकास और प्रेशर निर्माण बाधित होता है। कुकर ठंडा होने के बाद वेंट ट्यूब की नियमित सफाई करें। सफाई के लिए किसी नुकीली चीज से बलपूर्वक न कुरेदें।
| कारक (Checklist Factor) | संभावित समस्या (Potential Issue) | समाधान / उपाय (Solution) |
| गैसकेट (Gasket) | ढीली, सख्त या कटी होना | पुरानी गैसकेट बदलकर नई लगाएं |
| सीटी/वेंट (Vent Tube) | दाल के कण फंसना या रुकावट | उपयोग के बाद बारीक तार से साफ करें |
| दाल की किस्म (Dal Type) | पुरानी या कड़ी दाल होना | पकाने से 30-60 मिनट पहले भिगोएं |
| पानी की मात्रा (Water Level) | कम पानी होना | दाल के प्रकार अनुसार सही अनुपात रखें |
3. दाल की किस्म और पुरानापन (Lentil Type & Storage):
अलग-अलग दालों का कुकिंग टाइम अलग होता है। पीली मूंग दाल बहुत जल्दी पकती है, जबकि चना दाल या साबुत उड़द को ज्यादा समय लगता है। इसके अलावा, लंबे समय से स्टोर करके रखी गई पुरानी दाल के दाने सख्त हो जाते हैं, जिन्हें गलने में सामान्य से अधिक सीटी की जरूरत पड़ती है।
4. पानी का सही अनुपात और भिगोना (Soaking & Water Ratio):
कुकर में पानी कम होने से दाल ठीक से नहीं गलती और तली में चिपककर जलने का खतरा रहता है। चना, अरहर या राजमा जैसी दालों को पकाने से कम से कम 30 मिनट पहले पानी में भिगोकर रखने से उनका पकने का समय काफी कम हो जाता है।
5. गैस की आंच का तालमेल (Flame Control):
शुरुआत में हमेशा तेज आंच पर कुकर में प्रेशर बनने दें। प्रेशर बनने और पहली सीटी आने के बाद ही आंच को धीमा या मध्यम करें। लगातार बहुत धीमी आंच पर रखने से भी प्रेशर बनने में देरी होती है।
यदि इन सभी बदलावों के बाद भी कुकर में प्रेशर ठीक से नहीं बन रहा है और भाप असामान्य रूप से लीक हो रही है, तो किसी कुशल तकनीशियन से कुकर की जांच कराएं।





