बीजापुर। Nishaanebaz.com-Bijapur PM Awas Yojana Scam: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर जिले से प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी भ्रष्टाचार और धांधली का बड़ा मामला उजागर हुआ है। भैरमगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत इतामपार के आश्रित गांव बोड़गा में ग्राम पंचायत सचिव पर गरीब आदिवासियों का हक मारने का गंभीर आरोप लगा है। सचिव ने हितग्राहियों के नाम पर जारी पहली और दूसरी किस्त की पूरी राशि बैंक से निकाल ली, लेकिन मकान निर्माण कराने के बजाय ग्रामीणों को सिर्फ 500-500 रुपये थमाकर इतिश्री कर ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी की अगुवाई में ग्रामीणों ने बीजापुर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नम्रता चौबे से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी और दोषी कर्मचारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बोड़गा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 124 से अधिक मकान स्वीकृत हुए थे। आरोप है कि पंचायत सचिव कोमल निषाद ने बैंक से प्रथम किस्त के 30,000 रुपये और दूसरी किस्त के 55,000 रुपये निकलवा लिए।
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सचिव ने यह कहकर ग्रामीणों को केवल 500-500 रुपये दिए कि पंचायत खुद उनके पक्के मकान बनाकर देगी। हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी आज तक ग्रामीणों के घर नहीं बन पाए हैं और गरीब परिवार झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं।
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मामले को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विधायक विक्रम मंडावी की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। इस टीम ने 3 सितंबर को ग्राम बोड़गा का दौरा कर पीड़ित हितग्राहियों से मुलाकात की और स्वीकृत मकानों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
दौरे के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि दशकों बाद नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्रों में शासन-प्रशासन की पहुंच हुई है और विकास कार्य शुरू हुए हैं। ऐसे में गरीब आदिवासियों के पक्के मकान के सपने पर डाका डालना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर तुरंत दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र जनआंदोलन किया जाएगा।





