रायपुर। Nishaanebaz.com-Birgaon Voter List Error: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे बीरगांव नगर निगम में आगामी नगरीय निकाय चुनावों से ठीक पहले एक अजीबोगरीब और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की गई ऑनलाइन मतदाता सूची में भारी पैमाने पर विसंगतियां पाई गई हैं, जहाँ दर्जनों पुरुष मतदाताओं को ‘महिला’ और महिला मतदाताओं को ‘पुरुष’ दर्ज कर दिया गया है।
हद तो तब हो गई जब बीरगांव नगर निगम के वर्तमान महापौर नंदलाल देवांगन और सभापति कृपाराम निषाद का जेंडर भी पोर्टल पर ‘महिला’ दर्ज पाया गया, जबकि महिला पूर्व महापौर अंबिका यदु को मतदाता रिकॉर्ड में ‘पुरुष’ बना दिया गया है। निकाय चुनाव की दहलीज पर खड़ी जनता और राजनीतिक गलियारों में ऑनलाइन मतदाता सूची के इस ‘जेंडर स्वैप’ खेल ने तहलका मचा दिया है और निर्वाचन आयोग के डिजिटल पोर्टल डेटा की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेताओं से लेकर आम मतदाता तक प्रभावित
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीरगांव नगर निगम के ऑनलाइन वोटर लिस्ट डेटा में बड़े पैमाने पर हेरफेर दिख रहा है। केवल जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि भाजपा मंडल अध्यक्ष भागीरथी, स्थानीय नागरिक राजकुमार साहू और लखनलाल साहू समेत वार्डों के सैकड़ों पुरुष मतदाताओं का लिंग बदलकर ‘महिला’ दर्ज हो चुका है। वहीं, कई महिला मतदाताओं को पुरुष के रूप में सूचीबद्ध कर दिया गया है। हाल ही में संपन्न हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद भी ऑनलाइन डेटा में इस प्रकार की बुनियादी त्रुटि रहने से बीलो (BLO) और सत्यापन अमले की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है।
सॉफ्टवेयर की तकनीकी खराबी का दावा
मामला गरमाने के बाद निर्वाचन आयोग के विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह गड़बड़ी आयोग के ऑनलाइन पोर्टल और डेटाबेस सॉफ्टवेयर में आई किसी अचानक तकनीकी खराबी (Software Glitch) के कारण हुई है। अधिकारियों ने दावा किया है कि चुनाव आयोग के पास उपलब्ध मूल (मैन्युअल/फिजिकल) मतदाता सूची में सभी मतदाताओं की जानकारियां और लिंग पूरी तरह से सही दर्ज हैं। हालांकि, प्रबुद्ध नागरिकों का सवाल है कि यदि मूल दस्तावेज सही हैं, तो सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड करते समय इतनी बड़ी संख्या में जेंडर कैसे बदल गए?
महापौर ने जताई नाराजगी, सुधार के दिए निर्देश
ऑनलाइन सूची में स्वयं का जेंडर गलत दर्ज मिलने के बाद बीरगांव महापौर नंदलाल देवांगन ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस बाबत राज्य निर्वाचन आयोग के उच्च अधिकारियों और बीरगांव निगम आयुक्त से सीधी बातचीत कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। महापौर ने तकनीकी टीम को सॉफ्टवेयर की खामियों को तुरंत दुरुस्त करने और त्रुटिरहित डेटा पोर्टल पर री-अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
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आगामी नगरीय निकाय चुनाव से पहले मतदाता सूची के डिजिटल स्वरूप में आई इस भारी चूक को यदि समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया, तो मतदान के दिन पोलिंग बूथों पर मतदाताओं को पहचान संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना होगा कि निर्वाचन आयोग इस तकनीकी गलती को कितनी तत्परता से सुधारता है।