Saturday, August 22, 2026
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Bacheli NMDC Scrap Theft Investigation Fast-Tracked: बचेली NMDC में 12 लाख के स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस की दबिश तेज: CISF जवान और NMDC कर्मचारी समेत 3 पर शिकंजा

फकरे आलम खान, बचेली [Nishanebaaz News]। दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) कॉम्प्लेक्स में हुए लाखों रुपये के मैंगनीज स्टील स्क्रैप चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। लगभग 12 लाख रुपये मूल्य के 29 टन अतिरिक्त स्क्रैप फर्जीवाड़े में शामिल एक सीआईएसएफ (CISF) जवान, एक एनएमडीसी कर्मचारी और एक लेबर सप्लाई कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साक्ष्यों के आधार पर इन आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है।

कांटे पर 34 टन का ट्रक अचानक निकला 64 टन!

यह पूरा मामला नवंबर 2024 का है। मेसर्स मनीष स्टील भिलाई को नीलामी के तहत मैंगनीज स्टील स्क्रैप उठाने का ठेका मिला था:

  • तौल में बड़ा अंतर: 12 नवंबर 2024 की सुबह स्क्रैप लोड करने आया ट्रक (CG 04 PS 2251) जब एनएमडीसी के कांटे पर तौला गया, तो उसका वजन 34 टन दर्ज किया गया।

  • सीआईएसएफ की शंका से खुला राज: कुछ ही घंटों बाद जब उसी ट्रक का दोबारा वजन कराया गया, तो वजन 64 टन पाया गया।

  • 29 टन अतिरिक्त स्क्रैप बरामद: तौल में 29 टन (अनुमानित बाजार मूल्य ₹12 लाख) का भारी अंतर देखकर सीआईएसएफ के अधिकारियों को गड़बड़ी की आशंका हुई। जांच करने पर पाया गया कि पासिंग पास से ज्यादा स्क्रैप चोरी-छिपे बाहर ले जाने की तैयारी थी।

संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर FIR

घटना के तुरंत बाद एनएमडीसी के सहायक प्रबंधक (सामग्री) योगेश टाक ने 20 नवंबर 2024 को बचेली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके साथ ही एनएमडीसी प्रबंधन द्वारा एक संयुक्त जांच समिति (Joint Inquiry Committee) का गठन किया गया था। जांच समिति की रिपोर्ट में प्लांट के सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की बात सामने आई थी, जिसके आधार पर अब पुलिस ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है।

800 ट्रकों के संदिग्ध निकास की चर्चा, जल्द होंगे बड़े खुलासे

संयंत्र क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि इस सिंडिकेट के माध्यम से पहले भी लगभग 800 से अधिक स्क्रैप ट्रक बिना सही तौल के बाहर भेजे जा चुके हैं। हालांकि, शुरुआती दौर में उच्च अधिकारियों की संलिप्तता की अफवाहों के बीच मामला निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित दिख रहा था, लेकिन पुलिस की वर्तमान कार्रवाई से साफ है कि आने वाले दिनों में स्क्रैप सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।

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