लखनऊ: सपा सांसद इकरा हसन ने केंद्रीय सरकार और भाजपा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चुनाव आयोग, SIR (Special Investigation Report) और आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार मंत्रियों को हटाने संबंधी तीन विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। इकरा हसन ने कहा कि लगातार पहले दिन से विपक्ष SIR का मुद्दा उठा रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कोई आश्वासन या चर्चा नहीं हुई। उनका कहना था कि SIR के माध्यम से हमारे देश के संविधान पर हमला किया गया है।
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इकरा हसन ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग द्वारा नेता प्रतिपक्ष की प्रेस वार्ता का जवाब दिया गया, लेकिन यह जवाब संतोषजनक नहीं थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में पेश किए गए विधेयकों के बारे में उन्होंने कहा कि फर्जी मुकदमे और कार्रवाई भी होती है, और भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए जल्दबाजी कर रही है।
सपा सांसद ने सवाल उठाया कि सिर्फ 30 दिन के भीतर किसी को सत्ता से हटाने की जल्दी क्यों है। उन्होंने इसे भाजपा की सियासी रणनीति बताया और कहा कि यह सभी कदम भाजपा की जमीन खिसकने के डर से उठाए जा रहे हैं।
इकरा हसन ने निष्कर्ष में कहा कि चाहे SIR हो, वोट चोरी का मामला हो या संशोधन बिल, यह सभी एक परियोजना का हिस्सा हैं। उनका कहना था कि भाजपा केवल फरमान लाकर सत्ता पर काबिज रहना चाहती है, जबकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संविधान को खतरा है।
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इकरा हसन, सपा सांसद: “SIR के माध्यम से हमारे संविधान पर हमला हुआ है, सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला।”
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इकरा हसन: “भाजपा केवल सत्ता पर बने रहने के लिए जल्दबाजी कर रही है, यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।”











