Smriti Irani Chhattisgarh Visit: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन की गतिविधियां तेज होने के बीच प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी दो दिवसीय दौरे पर रायपुर आएंगी। स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर को राजधानी पहुंचेंगी। इस दौरान वे कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में लगातार दो दिनों तक बैठकें लेंगी। इन बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा समेत प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक शामिल होंगे।स्मृति ईरानी के इस दौरे को संगठन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठकों में पार्टी की मौजूदा गतिविधियों और संगठनात्मक व्यवस्था पर चर्चा हो सकती है। साथ ही संगठन में नई जिम्मेदारियां सौंपने को लेकर भी मंथन होने की संभावना है।
भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगी। उनका यह दौरा दो दिनों का रहेगा। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी।दौरे के कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र कुशाभाऊ ठाकरे परिसर रहेगा, जहां लगातार दो दिनों तक संगठन से जुड़ी बैठकों का आयोजन होगा।
CM साय और दोनों डिप्टी CM समेत कई नेता होंगे शामिल
बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी शामिल होंगे। इसके अलावा राज्य सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक भी बैठक में हिस्सा लेंगे।प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठकों का विस्तृत एजेंडा अभी सामने नहीं आया है।
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संगठन में नई जिम्मेदारियों पर हो सकता है मंथन
स्मृति ईरानी के दौरे के दौरान भाजपा संगठन में नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और आगे की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श हो सकता है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक के दौरान किन पदों पर बदलाव या नई नियुक्तियों को लेकर फैसला लिया जाएगा। इस संबंध में अंतिम जानकारी बैठकों के बाद ही सामने आ सकेगी।
दो दिन की बैठकों पर रहेगी नजर
छत्तीसगढ़ भाजपा के लिए स्मृति ईरानी का यह दौरा राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की मौजूदगी के कारण बैठकों में होने वाली चर्चा पर सभी की नजर रहेगी।अब देखना होगा कि इन बैठकों के बाद संगठन में नई जिम्मेदारियों को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने आता है या नहीं।
