Singrauli Municipal Corporation : सिंगरौली: सिंगरौली जिले के नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान के कुशल निर्देशन में निगम का अमला शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर पहुंचकर पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कर रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीषण गर्मी और बदलते मौसम के बीच आम जनमानस तक पहुंचने वाला जल पूरी तरह शुद्ध और कीटाणुरहित हो।
अभियान के तहत निगम की तकनीकी टीम हर दिन अलग-अलग वार्डों का दौरा कर रही है। हाल ही में टीम ने वार्ड क्रमांक 4 में सी.पी तिवारी के निवास, वार्ड क्रमांक 23 में शिव नारायण विश्वकर्मा और वार्ड क्रमांक 26 में नंदलाल कुशवाहा के घर पहुंचकर पेयजल के नमूने एकत्रित किए। इन नमूनों की जांच मौके पर ही की गई ताकि पानी में मौजूद अशुद्धियों और रसायनों के स्तर का तत्काल पता लगाया जा सके। निगम के इस सक्रिय रवैये से स्थानीय निवासियों में संतोष देखा जा रहा है।
जांच के दौरान निगम अमले द्वारा पानी में क्लोरीन की मात्रा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्लोरीन का सही स्तर पानी को हानिकारक बैक्टीरिया से मुक्त रखने में सहायक होता है। इसके साथ ही टीम नागरिकों से सीधे संवाद कर पेयजल आपूर्ति के संबंध में उनका फीडबैक भी ले रही है। आयुक्त श्रीमती प्रधान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुणवत्ता जांच के साथ-साथ शहरवासियों की शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में दूषित जल की समस्या न रहे।
पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए केवल सैंपलिंग ही नहीं बल्कि बुनियादी ढांचे की सफाई पर भी जोर दिया जा रहा है। निगम द्वारा शहर में स्थित सभी ओवरहेड टैंक और वॉल चैंबर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जा रही है। ट्यूबवेलों के माध्यम से की जाने वाली जलापूर्ति में क्लोरीनेशन की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है। प्रशासन की इस निरंतर निगरानी से जलजनित रोगों के फैलने की संभावनाओं को कम करने में मदद मिल रही है।
नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने इस संबंध में कहा कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और स्वच्छ जल प्रदान करना निगम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जल स्रोतों की सफाई और सैंपलिंग का कार्य एक निरंतर प्रक्रिया है जिसे भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। आयुक्त ने जल आपूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करने की बात कही है जिससे किसी भी तकनीकी खराबी या प्रदूषण की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।
अंत में निगम प्रशासन ने जनता की सहूलियत के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। आयुक्त ने नगर वासियों से अपील की है कि यदि उन्हें पेयजल की गुणवत्ता या आपूर्ति से संबंधित कोई भी शिकायत हो तो वे निगम के टोल फ्री नंबर 7610107107 पर तत्काल सूचित करें। इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों का तत्परता से समाधान किया जाएगा ताकि शहर की पेयजल वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे।













