Singrauli Jiyawan Police Station : सिंगरौली। आमतौर पर माना जाता है कि जो सामान पुलिस थाने के भीतर खड़ा है, वह सबसे सुरक्षित है। लेकिन जियावन थाने की एक घटना ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। देवसर बाजार से अवैध परिवहन के मामले में जब्त किया गया एक ट्रैक्टर (क्रमांक UP 64 AQ 4304) शनिवार देर रात थाना परिसर से ही गायब हो गया।
रात 12 बजे हुई दुस्साहसिक चोरी: शनिवार को पुलिस ने जिस ट्रैक्टर को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से थाना परिसर में खड़ा कराया था, उसे अज्ञात चोरों ने रात करीब 12 बजे निशाना बनाया। पुलिस की आंखों के सामने से अपराधी वाहन लेकर रफूचक्कर हो गए। सुबह जब परिसर से ट्रैक्टर गायब मिला, तो पुलिस के होश उड़ गए। तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और पूरे क्षेत्र में नाकेबंदी की गई।
12 घंटे बाद मजौना में मिला सुराग: पुलिस की कड़ी मशक्कत और घेराबंदी के बाद रविवार दोपहर करीब 12 बजे ट्रैक्टर को मजौना क्षेत्र से बरामद किया गया। पुलिस इसे वापस थाने ले आई है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस का दावा है कि इस पूरी घटना में वाहन मालिक की ही मुख्य भूमिका रही है, जिसने अपने जब्त वाहन को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए इस दुस्साहसिक चोरी को अंजाम दिया।
विवेचना के घेरे में पुलिसकर्मी: इस मामले में जियावन एसडीओपी गायत्री मिश्रण ने पुष्टि की है कि ट्रैक्टर बरामद कर लिया गया है और वाहन मालिक पर मामला दर्ज किया गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल पुलिस की लापरवाही का है। एसडीओपी ने स्पष्ट किया कि थाना परिसर से वाहन चोरी होना गंभीर विषय है और इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही की भी अलग से जांच की जा रही है।
इस घटना ने सिंगरौली पुलिस की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि यदि थाने के अंदर ही सरकारी संपत्ति या जब्त माल सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?











