Singrauli Corruption News : सिंगरौली : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नए सर्वे के नाम पर गरीब हितग्राहियों से अवैध वसूली की शिकायत मिली है। मामला देवसर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली रौहाल ग्राम पंचायत का है, जहाँ पंचायत सचिव पर सर्वे के बदले 500 से 1000 रुपये तक लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।
PhonePe के जरिए ली गई रिश्वत, स्क्रीनशॉट वायरल
ग्राम पंचायत रौहाल के सचिव सुमत प्रसाद दुबे पर आरोप है कि उन्होंने पात्र हितग्राहियों का नाम आवास सूची में जोड़ने के एवज में अवैध पैसों की मांग की। भ्रष्टाचार का यह मामला तब और पुख्ता हो गया जब डिजिटल भुगतान (PhonePe) के जरिए किए गए लेन-देन के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सचिव ने खुलेआम पैसों की मांग की और पैसे न देने वालों को योजना के लाभ से वंचित रखने की धमकी दी।

पीड़ित महिला ने बयां किया दर्द
मामले में एक पीड़ित महिला ने कैमरे के सामने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उससे आवास सर्वे के नाम पर पैसों की मांग की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पंचायत स्तर के अधिकारी अपनी जेबें गरम कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंद लोग परेशान हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई: जिला पंचायत सीईओ ने थमाया नोटिस
सोशल मीडिया पर डिजिटल ट्रांजेक्शन के सबूत वायरल होने और ग्रामीणों की भारी शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। जिला पंचायत सीईओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत सचिव सुमत प्रसाद दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीईओ ने सचिव से इस अवैध लेन-देन पर जवाब तलब किया है और स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद से पूरी पंचायत में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन केवल नोटिस तक सीमित रहता है या इन गरीब हितग्राहियों का पैसा वापस दिलाकर दोषी अधिकारी पर कोई कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करता है।













