निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के सीधी जिले में लोकायुक्त रीवा की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी मुनेन्द्र सिंह भदौरिया, हल्का मिर्चीवार में पदस्थ था।बताया जा रहा है कि पटवारी ने एक हितग्राही से वारिसाना नामांतरण समेत अन्य मामलों में काम करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
पहले ही ले चुका था 25 हजार रुपये
शिकायतकर्ता मुनेश्वर प्रसाद सोनी, निवासी ग्राम मिर्चीवार ने लोकायुक्त रीवा से शिकायत की थी कि पटवारी उनसे तीन अलग-अलग मामलों में रिश्वत मांग रहा है।शिकायत के अनुसार आरोपी पटवारी पहले ही 25 हजार रुपये ले चुका था और बाकी रकम के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
5 हजार लेते हुए पकड़ा गया
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच के बाद आरोप सही पाए और ट्रैप की योजना बनाई। सोमवार सुबह करीब 8 बजे सीधी शहर के अस्पताल के पास स्थित पटवारी के आवास पर कार्रवाई की गई।जैसे ही पटवारी ने शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
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डीएसपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में की गई। ट्रैप के बाद आरोपी पटवारी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।फिलहाल आरोपी को सीधी के सर्किट हाउस में ले जाकर पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने बताई पूरी कहानी
शिकायतकर्ता मुनेश्वर प्रसाद सोनी के अनुसार पटवारी वारिसाना नामांतरण सहित अन्य कामों के लिए उनसे लगातार पैसे की मांग कर रहा था।
एक मामला पूरा हो चुका था, लेकिन दो अन्य मामले लंबित थे। इसी दौरान पटवारी ने फिर से पैसे मांगे, जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत लोकायुक्त से कर दी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
लोकायुक्त की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।











