Seva Setu Portal Chhattisgarh : रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) से ‘सेवा सेतु’ पोर्टल का विधिवत लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का उन्नत संस्करण है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सीधे नागरिकों के मोबाइल तक पहुँचाना है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा और मंत्रिमंडल के सदस्य उपस्थित थे।
AI और व्हाट्सएप से लैस हुई सरकारी सेवाएं: मुख्यमंत्री साय ने बताया कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 30 से अधिक विभागों की 441 सेवाएं उपलब्ध हैं। इस प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ‘भाषिणी’ तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में काम करेगा। नागरिक अब व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, अपनी फाइल का स्टेटस जान सकेंगे और अनुमोदन के बाद डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र भी सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे। वर्तमान में यह सुविधा 25 प्रमुख सेवाओं के लिए शुरू की गई है, जिसे जल्द ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल में ‘ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन’ और ‘स्वतः शिकायत पंजीकरण’ जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। इसमें आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) और डिजिलॉकर का एकीकरण किया गया है, जिससे सुरक्षा और सुगमता बढ़ेगी। राज्य के 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर और चॉइस सेंटरों के माध्यम से भी इन सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने इसे “वन स्टॉप सॉल्यूशन” बताते हुए कहा कि यह सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
सेवा सेतु की प्रमुख विशेषताएं
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कुल सेवाएं: 441 सरकारी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर।
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तकनीकी समावेश: AI, व्हाट्सएप इंटरफेस और 22 भाषाओं में ‘भाषिणी’ सपोर्ट।
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व्हाट्सएप सुविधा: सीधे व्हाट्सएप पर डिजिटल प्रमाण-पत्र और रसीद प्राप्त करने की सुविधा।
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पारदर्शिता: क्यूआर कोड आधारित सत्यापन और रीयल-टाइम ट्रैकिंग।
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भुगतान: ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण, ऑनलाइन रसीद की सुविधा।











