सीहोर: सोमवार शाम सीहोर जिला अस्पताल के बाहर नवजात बच्ची की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश उफान पर आ गया। भैरूंदा तहसील के एक दंपत्ति ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के गेट के सामने सड़क पर धरना दे दिया। करीब 50 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना और यातायात बाधित रहा।
नवजात की मौत को लेकर परिजनों का रोष
परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के समय मेटरनिटी वार्ड में कोई जिम्मेदार लेडी डॉक्टर मौजूद नहीं थी। नवजात को आईसीयू में भर्ती करने के बाद परिजनों को उससे मिलने तक नहीं दिया गया। शाम को बच्ची की मौत की सूचना दी गई, लेकिन शव सौंपने में देरी के कारण परिजन और ज्यादा नाराज हो गए।
सड़क पर धरना, यातायात बाधित
धरने के दौरान अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजन सड़क पर बैठ गए, जिससे सड़क पर यातायात ठप हो गया। मौके पर मौजूद अन्य लोग और अस्पताल कर्मी परिजनों को समझाने की कोशिश करते रहे।
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प्रशासन और पुलिस का हस्तक्षेप
कुछ देर बाद प्रशासन और पुलिस ने हस्तक्षेप कर परिजनों को समझाया। नवजात बच्ची का शव अंततः परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में अस्पताल प्रशासन ने कहा कि हादसा बहुत ही दुखद है और जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा सके।













