Security Agencies : लखनऊ। संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट ने प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि संभल में स्थानीय स्तर पर आतंकी संगठनों की पैठ है और अमेरिका से लेकर पाकिस्तान तक कनेक्शन है। गजवा-ए-हिंद और अलकायदा जैसे आतंकी मॉड्यूल की योजनाओं में शामिल लोग यहां हिंदू आबादी को कम करने और इलाके में आतंक फैलाने की साजिश रच रहे थे। उत्तर प्रदेश का गृह विभाग अब इस रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा उपायों और आतंकियों की तलाश की रणनीति तैयार कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गजवा-ए-हिंद के नाम पर चल रहे नेटवर्क का मकसद हिंदू आबादी को घटाकर पलायन कराना और सांप्रदायिक तनाव फैलाना था। आंकड़ों के अनुसार, संभल में हिंदू आबादी 45 प्रतिशत से घटकर 15–20 प्रतिशत तक रह गई है।
जांच में सामने आया कि तुर्कों और कन्वर्टेड आतंकियों ने यहां गहरी पैठ बना ली थी। हरकत-उल-मुजाहिदीन, तहरीक-ए-तालिबान और अलकायदा जैसे संगठनों से कनेक्शन स्थापित किया गया था। AQIS (अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) के चीफ मोहम्मद आसिफ और अफगानिस्तान में मारा गया असीम उमर, दोनों का संबंध संभल से रहा है।
रिपोर्ट बताती है कि संभल के कई युवक आतंकियों की भर्ती और ब्रेनवॉशिंग में शामिल रहे। जफर मसूद जैसे नाम स्थानीय स्तर पर युवाओं को जोड़ने का काम करते थे। अब भी कई संदिग्ध फरार हैं जबकि छह बड़े आतंकियों की पहचान हो चुकी है।
न्यायिक आयोग ने यह भी दर्ज किया है कि दंगों, लव जिहाद और धार्मिक स्थलों पर कब्जे के जरिए यहां की सामाजिक संरचना को तोड़ने का प्रयास हुआ। आयोग ने नेताओं और जिहादियों की सांठगांठ पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
गृह विभाग ने साफ किया है कि इस रिपोर्ट को आधार बनाकर आगे की रणनीति और सुरक्षा उपाय तैयार किए जा रहे हैं।













