SDM Abhay Singh Kharadi : बड़वानी। पद और रसूख के मद में चूर होकर अपनी ही अधीनस्थ महिला कर्मचारी का शारीरिक और मानसिक शोषण करने वाले तत्कालीन एसडीएम अभय सिंह खराड़ी को कानून ने कड़ा सबक सिखाया है। बड़वानी के तृतीय जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए खराड़ी को लैंगिक अपराध, मारपीट और धमकाने का दोषी पाया। न्यायालय ने उन्हें 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही 1 लाख 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित महिला पटवारी ने साहस दिखाते हुए साल 2024 में वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस के पास न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता ने अपनी शिकायत में रूह कँपा देने वाले खुलासे किए थे। उन्होंने बताया कि साल 2016 से लेकर 2024 तक अभय सिंह खराड़ी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें लगातार डराया और धमकाया। आरोपी कभी अपने सरकारी बंगले पर तो कभी पीड़िता के घर घुसकर जबरन शारीरिक संबंध बनाता था। विरोध करने पर आरोपी पीड़िता को ब्लैकमेल करता था और उसका रिश्ता तक तुड़वा देता था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से दलीलें पेश कीं। अपर अभियोजक शिवपाल सिंह सिसोदिया ने न्यायालय को बताया कि 22 दिसंबर 2023 की रात आरोपी ने पीड़िता के घर गायत्री कॉलोनी में घुसकर उसके साथ मारपीट की थी और तेजाब डालने की धमकी भी दी थी। आरोपी एसडीएम के रूप में अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर पीड़िता को चुप रखने का दबाव बनाता रहा। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का आचरण पहले से ही विवादित था और उनकी पत्नी ने भी उन पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे।
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि एक उच्च पद पर बैठे अधिकारी द्वारा अपने अधीन कार्य करने वाली महिला कर्मचारी का शोषण करना समाज और प्रशासनिक ढांचे के लिए अत्यंत घातक है। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने खराड़ी को धारा 376 (बलात्कार) सहित अन्य धाराओं में दोषी माना। फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस निर्णय का जिले के कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है, इसे न्याय की जीत और रसूखदारों के लिए एक कड़ी चेतावनी बताया जा रहा है।











