SC ST Act Controversy 2026 : प्रयागराज/वाराणसी। पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, जिन्होंने हाल ही में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी थी, अब अपने आंदोलन के अगले चरण की तैयारी में हैं। सोमवार को प्रयागराज पहुंचे अग्निहोत्री ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकीलों के साथ लंबी बैठक की। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि उन्हें जारी किए गए निलंबन नोटिस को वे अदालत में चुनौती देंगे।
आध्यात्मिक आशीर्वाद और वैचारिक आधार अग्निहोत्री ने कानूनी सलाह लेने से पहले वाराणसी में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। गौरतलब है कि माघ मेले में शंकराचार्य को पालकी स्नान से रोके जाने और यूजीसी के नए बिल के विरोध में ही उन्होंने अपने पद का त्याग किया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनकी ‘आत्मा की आवाज’ थी और वे इसे किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेंगे।
केंद्र सरकार पर हमला, सीएम योगी के प्रति नरम रुख अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र की मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए उसकी तुलना ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ से कर डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की आवाज अनसुनी कर रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर उनके सुर नरम रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर कई बार अधिकारी दबाव में काम करते हैं और वे मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं करना चाहते।
प्रमुख मांगें और भविष्य की रणनीति:
- एससी-एसटी एक्ट: उन्होंने इस कानून को सामान्य वर्ग के लिए ‘काला कानून’ बताते हुए इसके दुरुपयोग पर गहरी चिंता जताई।
- विशेष सत्र का अल्टीमेटम: सरकार से मांग की गई है कि 6 फरवरी तक संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस कानून पर चर्चा की जाए।
- 7 फरवरी से दिल्ली कूच: यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो उन्होंने 7 फरवरी से समर्थकों के साथ दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है।
- राजनीतिक भविष्य: फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता अभी केवल आंदोलन है।











