सतना : मध्य प्रदेश के सतना जिले में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। जांच समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी सह पैथोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र पटेल और दो लैब टेक्नीशियन रामभाई त्रिपाठी तथा नंदलाल पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जांच समिति की रिपोर्ट पर त्वरित कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह कार्रवाई राज्य स्तरीय सात सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है। समिति का गठन 16 दिसंबर को किया गया था, जिसकी अध्यक्षता डॉ. योगेश भरसट (CEO, आयुष्मान भारत) कर रहे हैं। समिति जल्द ही अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
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संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कड़ी कार्रवाई
पूर्व सिविल सर्जन को जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
थैलेसीमिया बच्चों को नियमित ट्रांसफ्यूजन में लापरवाही
गौरतलब है कि सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से रक्त चढ़ाया जाता था। इसी दौरान संक्रमित रक्त दिए जाने की शिकायत सामने आई, जिसके बाद कई बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि हुई। इस घटना से पीड़ित परिवारों में गहरा आक्रोश और चिंता व्याप्त है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले ने जिले की ब्लड बैंक प्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकार किया है कि पूरे ब्लड ट्रांसफ्यूजन सिस्टम की गहन समीक्षा की जा रही है।
पीड़ित परिवारों को सहायता का भरोसा
स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को हरसंभव चिकित्सकीय और प्रशासनिक सहायता देने का आश्वासन दिया है, साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।











