निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : चूरू जिले के विश्वविख्यात सलासर बालाजी धाम में शनिवार तड़के प्रभात आरती का भव्य और दिव्य आयोजन किया गया। सूर्योदय से पहले जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर “जय श्री बालाजी” और “हनुमान जी की जय” के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा। दूर-दराज़ से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस किया।
शास्त्रोक्त परंपरा के साथ संपन्न हुआ प्रभात अनुष्ठान
प्रातः लगभग छह बजे पुजारियों ने वैदिक विधि-विधान और शास्त्रोक्त परंपराओं के अनुसार प्रभात आरती कराई। शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया। दीपों की ज्योति और हवन सामग्री की सुगंध से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
भजन-कीर्तन और मंत्र-जप में लीन रहे श्रद्धालु
आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर बालाजी महाराज से सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और पारिवारिक खुशहाली की कामना की। कई भक्त भजन-कीर्तन, मंत्र-जप और ध्यान में तल्लीन नजर आए। धार्मिक मान्यता है कि प्रभात काल में की गई आराधना मन को स्थिर करती है और जीवन में नई ऊर्जा भरती है।
अभिषेक और सादगीपूर्ण श्रृंगार ने जीता मन
इस पावन अवसर पर बालाजी महाराज का जल, चंदन, पुष्प, तुलसी और नैवेद्य से विधिवत अभिषेक किया गया। इसके बाद किए गए सादगीपूर्ण लेकिन मनोहारी श्रृंगार ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दर्शन के पश्चात भक्तों के चेहरों पर शांति, संतोष और अटूट विश्वास की झलक साफ दिखाई दी।
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लाइव दर्शन से वैश्विक स्तर पर जुड़ी श्रद्धा
जो श्रद्धालु सलासर धाम नहीं पहुंच सके, उन्होंने मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभात आरती के लाइव दर्शन किए। मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
हनुमान भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र
सलासर बालाजी धाम देशभर के हनुमान भक्तों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। प्रभात आरती ने एक बार फिर सनातन परंपरा, भक्ति और विश्वास की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।













