Ruchi Global Bank Fraud Case : इंदौर (20 फरवरी 2026): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंदौर में मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 5.13 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह पूरा मामला रुचि ग्लोबल लिमिटेड (Ruchi Global Ltd.), जिसका नाम अब बदलकर एग्रोट्रेड एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Agrotrade Enterprises Ltd.) हो गया है, द्वारा किए गए 188 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़ा है।
नीता शाहरा के नाम पर दर्ज थी जमीन
ED द्वारा अटैच की गई अचल संपत्ति जमीन के रूप में है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह संपत्ति नीता शाहरा के नाम पर पंजीकृत है, जो उमेश शाहरा की पत्नी हैं। जांच में सामने आया है कि बैंक से धोखे से लिए गए फंड का इस्तेमाल इन संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया था।
188.35 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पूरा मामला
ED की यह कार्रवाई भोपाल में CBI द्वारा दर्ज की गई उस एफआईआर (FIR) पर आधारित है, जिसमें कंपनी पर बैंकों के समूह (Consortium) के साथ 188.35 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। इस कंसोर्टियम का नेतृत्व बैंक ऑफ बड़ौदा (तत्कालीन देना बैंक) कर रहा था।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
ED की जांच में ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ के कई परतों का खुलासा हुआ है:
फर्जी दस्तावेज: कंपनी ने बैंकों से क्रेडिट सुविधाएं और लेटर ऑफ क्रेडिट (LoC) हासिल करने के लिए फर्जी और मनगढ़ंत दस्तावेजों का उपयोग किया।
शेल ट्रांजेक्शन: कागजों पर दिखाए गए व्यापारिक लेन-देन का वास्तविकता में कोई अस्तित्व नहीं था।
फंड की लेयरिंग: बैंक से प्राप्त पैसों को विभिन्न ग्रुप कंपनियों और सहयोगियों के जरिए घुमाया गया (Siphon off) और लेयरिंग के माध्यम से वापस मुख्य कंपनी तक पहुँचाया गया।
जांच का सिलसिला जारी
इससे पहले दिसंबर 2025 में ED ने उमेश शाहरा और उनके सहयोगियों के कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी की नजर अब इस घोटाले से जुड़ी अन्य संपत्तियों पर भी है, और आने वाले दिनों में और भी बड़ी कुर्की या गिरफ्तारियां संभव हैं।
कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण:
- एजेंसी: प्रवर्तन निदेशालय (ED)।
- मुख्य कंपनी: रुचि ग्लोबल लिमिटेड (अब एग्रोट्रेड एंटरप्राइजेज)।
- अटैच संपत्ति: ₹5.13 करोड़ की जमीन।
- घोटाले की राशि: ₹188.35 करोड़।
- बैंक: बैंक ऑफ बड़ौदा (लीड बैंक)।













